नीमच, 3 सितंबर 2026। नीमच जिले में कल, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण भक्ति और लोक-संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। मनासा और जावद में शाम 7 बजे से ‘श्रीकृष्ण पर्व’ के तहत विशेष सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। कहीं श्रीकृष्ण की लीलाएं नृत्य नाटिका के जरिए मंच पर जीवंत होंगी, तो कहीं लोक और भक्ति गायन की स्वरमयी प्रस्तुतियां माहौल को कृष्णमय बनाएंगी।
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा जिला प्रशासन-नीमच के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, लोक-आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संगीत, नृत्य और लोक गायन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। खास बात यह है कि मनासा और जावद दोनों स्थानों पर कार्यक्रम शाम 7 बजे से होंगे और प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
मनासा में मंच पर दिखेंगी श्रीकृष्ण की लीलाएं
मनासा में श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन द्वारकाधीश मंदिर के सामने, गांधी चौक पर किया जाएगा। यहां कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे से होगी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण श्रीकृष्ण केंद्रित नृत्य नाटिका होगी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सुश्री दीपिका सिंह एवं साथी, इंदौर द्वारा नृत्य के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को साकार किया जाएगा।

नृत्य प्रस्तुति के साथ सुश्री प्रतिमा गोस्वामी एवं साथी, भोपाल भक्तिमय गायन प्रस्तुत करेंगी। यानी मनासा में दर्शकों को एक ही मंच पर श्रीकृष्ण की लीलाओं की नृत्य प्रस्तुति और भक्ति संगीत का अनुभव मिलेगा।
मनासा में क्या होगा?
- स्थान: द्वारकाधीश मंदिर के सामने, गांधी चौक
- तारीख: 4 सितंबर 2026
- समय: शाम 7 बजे
- मुख्य आकर्षण: श्रीकृष्ण केंद्रित नृत्य नाटिका
- नृत्य: दीपिका सिंह एवं साथी, इंदौर
- भक्तिमय गायन: प्रतिमा गोस्वामी एवं साथी, भोपाल
- प्रवेश: नि:शुल्क
जावद में लोक गायन से लेकर भक्ति संगीत तक
उधर जावद में भी श्रीकृष्ण पर्व के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम श्री सांवलिया जी मंदिर, रामलीला मैदान, खोर दरवाजा पर शाम 7 बजे से शुरू होगा। जावद की शाम में नृत्य नाटिका के बजाय लोक गायन और भक्ति गायन प्रमुख आकर्षण रहेंगे। सुश्री पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं साथी, भोपाल लोक गायन की प्रस्तुति देंगी।

इसके बाद सुश्री नम्रता कुशवाह एवं साथी, भोपाल भक्ति गायन के माध्यम से श्रीकृष्ण की भक्ति और लोक परंपरा को स्वर देंगी। इस तरह जावद का आयोजन लोक-संगीत और भक्ति संगीत के माध्यम से श्रीकृष्ण से जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा को सामने लाने पर केंद्रित रहेगा।
एक ही दिन, दो शहर और श्रीकृष्ण भक्ति का अलग रंग
4 सितंबर को मनासा और जावद में होने वाले कार्यक्रमों की खासियत यह है कि दोनों जगह श्रीकृष्ण पर्व एक ही समय, शाम 7 बजे से आयोजित किया जा रहा है, लेकिन प्रस्तुतियों का स्वरूप अलग रहेगा। मनासा में नृत्य के जरिए श्रीकृष्ण की लीलाओं और जीवन प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि जावद में लोक गायन और भक्ति गायन के जरिए कृष्ण भक्ति और लोक परंपरा को स्वर दिया जाएगा।
इस तरह नीमच जिले के दोनों शहरों में श्रीकृष्ण पर्व की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति अलग-अलग कला विधाओं के जरिए देखने को मिलेगी।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगी कृष्ण परंपरा
आयोजकों के अनुसार ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, लोक-आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। पर्व के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध कृष्ण परंपरा, लोक-स्मृतियों और कला अभिव्यक्तियों को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी उद्देश्य के तहत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
कल शाम 7 बजे से शुरू होंगे दोनों आयोजन
नीमच जिले के लोगों के लिए 4 सितंबर की शाम मनासा और जावद में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवसर रहेगा। मनासा में द्वारकाधीश मंदिर के सामने गांधी चौक और जावद में श्री सांवलिया जी मंदिर, रामलीला मैदान, खोर दरवाजा पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। दोनों आयोजनों (श्रीकृष्ण पर्व) का समय शाम 7 बजे निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
मनासा और जावद—कहां क्या होगा?
| शहर | स्थान | मुख्य प्रस्तुति | समय |
|---|---|---|---|
| मनासा | द्वारकाधीश मंदिर के सामने, गांधी चौक | नृत्य नाटिका और भक्तिमय गायन | शाम 7 बजे |
| जावद | श्री सांवलिया जी मंदिर, रामलीला मैदान, खोर दरवाजा | लोक गायन और भक्ति गायन | शाम 7 बजे |
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