नीमच। ग्राम चौथखेड़ा में प्रस्तावित 33 हजार केवी बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाईटेंशन लाइन गांव की आबादी और खेत-खलिहानों के बीच से होकर गुजरती है, तो भविष्य में जान-माल और संपत्ति को नुकसान का खतरा बना रह सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से लाइन का मार्ग बदलकर उसे बरखेड़ाहाड़ा फोरलेन की ओर से ले जाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार चौथखेड़ा गांव फोरलेन के समीप स्थित है। यहां हॉट वॉर्निंग फूड्स कंपनी के लिए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया चल रही है। इसी के लिए प्रस्तावित 33 हजार केवी लाइन को लेकर ग्रामीणों ने सुरक्षा संबंधी अपनी चिंता विभाग के सामने रखी है।
आबादी और खेतों के बीच से लाइन ले जाने पर आपत्ति
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की आबादी और कृषि भूमि के बीच से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजरने पर भविष्य में सुरक्षा संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। उनके अनुसार इस क्षेत्र में ग्रामीणों के मकान और खेत मौजूद हैं, इसलिए लाइन के प्रस्तावित मार्ग को लेकर वे चिंतित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर पहले से ही एक हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। उनका दावा है कि बारिश के दौरान विद्युत लाइन से करंट फैलने की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से ग्रामीण प्रस्तावित लाइन को आबादी और खेतों के बीच से ले जाने के पक्ष में नहीं हैं।
ग्रामीणों की आपत्ति का मुख्य आधार भविष्य में संभावित दुर्घटना और उससे होने वाले नुकसान की आशंका है। उनका कहना है कि बिजली लाइन बिछाने से पहले ऐसे मार्ग पर विचार किया जाना चाहिए, जिससे आबादी और कृषि भूमि प्रभावित न हो।
फोरलेन की ओर से लाइन ले जाने की मांग
ग्रामीणों ने चौथखेड़ा 33 हजार केवी लाइन के लिए वैकल्पिक मार्ग की मांग की है। उनका कहना है कि लाइन को गांव की आबादी और खेत-खलिहानों के बीच से ले जाने के बजाय बरखेड़ाहाड़ा फोरलेन की ओर से ले जाने पर विचार किया जाए। ग्रामीणों के अनुसार फोरलेन की ओर से वैकल्पिक मार्ग अपनाने से गांव की आबादी और कृषि क्षेत्र को हाईटेंशन लाइन के प्रस्तावित मार्ग से दूर रखा जा सकता है। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति प्रस्तुत की है।
विभाग से प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि उनकी आपत्ति को गंभीरता से लिया जाए और 33 हजार केवी बिजली लाइन के प्रस्तावित मार्ग पर पुनर्विचार किया जाए। ग्रामीण चाहते हैं कि लाइन बिछाने से पहले आबादी, खेतों और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग पर विचार किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रस्तावित मार्ग से ही लाइन बिछाई जाती है और भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। फिलहाल ग्रामीणों की ओर से आपत्ति और वैकल्पिक मार्ग की मांग सामने आई है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।


