चित्तौड़गढ़ | चित्तौड़गढ़ लूटकांड में पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ATM से नकदी निकालने वाले लोगों पर नजर रखता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले यह देखते थे कि कौन व्यक्ति अलग-अलग ATM से अधिक रकम निकाल रहा है। इसके बाद उसका पीछा करते हुए सुनसान जगह पर मौका मिलते ही कथित रूप से लूट की वारदात को अंजाम देते थे। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, ATM कार्ड, एप्पल आईफोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला उस समय सामने आया, जब सहनवा निवासी संजय सालवी ने लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित का पीछा उस समय से करना शुरू कर दिया था, जब उसने शहर के अलग-अलग ATM से नकदी निकाली थी।
कार में रुपए गिनना पड़ गया भारी
पुलिस के अनुसार संजय अपने बड़े भाई के कहने पर घर से नकदी लेकर चित्तौड़गढ़ आया था। रेलवे स्टेशन के पास वी-2 मार्ट के सामने उसके भाई ने उसे 40 हजार रुपए और दिए। इसके बाद संजय कार में बैठकर पूरी रकम गिनने लगा। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी दौरान आरोपियों ने यह समझ लिया कि उसके पास बड़ी रकम है।
बाद में जब संजय अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से रवाना हुआ और द्वारिका धाम कॉलोनी में कुछ देर रुका, तभी मोटरसाइकिल और स्कूटी पर पहुंचे चार लोगों ने कथित रूप से उसे धक्का देकर गिराया और रुपए से भरा बैग तथा एप्पल आईफोन छीनकर फरार हो गए।
चित्तौड़गढ़ लूटकांड जांच में बदली लूटी गई रकम
शुरुआत में दर्ज एफआईआर में लूटी गई राशि 4.90 लाख रुपए बताई गई थी। हालांकि पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घर से लाई गई रकम और बाद में दिए गए 40 हजार रुपए मिलाकर बैग में कुल 2 लाख रुपए ही थे। पुलिस के अनुसार परिवार को बैग में रखी कुल नकदी की सही जानकारी नहीं होने के कारण एफआईआर में अधिक राशि दर्ज हो गई थी।
ATM के बाहर ही शुरू हो जाती थी रेकी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अक्सर ATM के आसपास ही घूमते थे। पुलिस के अनुसार वे ऐसे लोगों पर नजर रखते थे जो एक से अधिक ATM से नकदी निकालते थे। इसके बाद उनका पीछा किया जाता था। इस मामले में भी संजय ने अलग-अलग ATM से पैसे निकाले थे। आरोपियों ने वहीं से उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया।

जब उसने वी-2 मार्ट के सामने कार में बैठकर नकदी गिनी तो आरोपियों ने अपने अन्य साथियों को बुलाया और सुनसान जगह पर कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया।
CCTV फुटेज से खुला पूरा राज
घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने शहरभर के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार एक CCTV फुटेज में धीरज नामक आरोपी का चेहरा स्पष्ट दिखाई दिया, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी। इसी आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बरामद किए—
- लूटी गई नकदी
- ATM कार्ड
- एप्पल आईफोन
- वारदात में प्रयुक्त बाइक
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—
- दीपक खटीक (26)
- अस्मित राठौड़ (22)
- आदित्य खोखर (20)
- पवन मेघवाल (20)
- धीरज बैरवा (22)
- पवन वैष्णव (25)
पुलिस के अनुसार तीन अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है।
कोई पेंटर तो कोई चाय की दुकान पर करता था काम
पुलिस जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दो पुताई का कार्य करते हैं, एक रेलवे स्टेशन के पास चाय की दुकान पर काम करता है, जबकि अन्य के स्थायी रोजगार की जानकारी नहीं मिली। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी आपस में परिचित थे और उनके अन्य मामलों में शामिल होने की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस की जांच से यह सामने आया कि अधिक नकदी निकालने वाले लोगों पर नजर रखकर उनका पीछा किया जा रहा था। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी गई है कि—
- ATM से अधिक नकदी निकालने के बाद सार्वजनिक स्थान पर पैसे न गिनें।
- यदि लगे कि कोई पीछा कर रहा है तो तुरंत भीड़भाड़ वाले स्थान या निकटतम पुलिस थाने पहुंचें।
- बड़ी राशि लेकर अकेले सुनसान रास्तों से जाने से बचें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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