एक व्हाट्सएप DP और 5.30 करोड़ का खेल! ऐसे फंसा कंपनी का अकाउंटेंट, फिर हुआ बड़ा खुलासा
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
07 जुलाई 2026, (अपडेटेड 07 जुलाई 2026, 10:03 पूर्वाह्न IST)

जयपुर। व्हाट्सएप पर लगी एक प्रोफाइल फोटो (DP) पर भरोसा करना एक कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा गया। राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है, जिसने कंपनी के चेयरमैन की व्हाट्सएप डीपी और नाम का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट को झांसे में लिया और 5 करोड़ 30 लाख रुपये दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार यह मामला कॉर्पोरेट कंपनियों को निशाना बनाकर की जाने वाली सुनियोजित व्हाट्सएप साइबर ठगी का हिस्सा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर उसका स्रोत छिपाने की कोशिश की जाती थी।

1930 हेल्पलाइन पर दर्ज हुई शिकायत

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को गैलेक्सी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से परिवादी दीपेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से कंपनी के चेयरमैन के नाम और फोटो का उपयोग करते हुए कंपनी के अकाउंटेंट को संदेश भेजे गए। संदेश में खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए तत्काल भुगतान करने की बात कही गई और दो बैंक खातों की जानकारी भेजी गई। अकाउंटेंट ने चेयरमैन का नाम और डीपी देखकर बिना संदेह किए दोनों खातों में कुल 5.30 करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

पहले जुटाई जानकारी, फिर रची पूरी साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने पहले कंपनी के चेयरमैन की सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और प्रोफाइल फोटो हासिल की। इसके बाद उसी फोटो और नाम का इस्तेमाल कर नया व्हाट्सएप अकाउंट बनाया गया।

आरोपियों ने बातचीत का तरीका भी ऐसा रखा कि अकाउंटेंट को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। भुगतान को अत्यंत जरूरी बताते हुए जल्द से जल्द ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया और इसी का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये अपने खातों में मंगवा लिए।

पुलिस के अनुसार इस तरह की ठगी में अपराधी किसी परिचित व्यक्ति की डिजिटल पहचान का इस्तेमाल कर भरोसा जीतते हैं और जल्दबाजी का माहौल बनाकर आर्थिक अपराध को अंजाम देते हैं।

तकनीकी जांच से खुली परतें

मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के आधार पर राहुल अशोक (32) निवासी पुणे (महाराष्ट्र) की पहचान हुई। राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लाकर पूछताछ शुरू की।

दिहाड़ी मजदूर पर बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह मुख्य साइबर अपराधियों को कमीशन लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पेशे से दिहाड़ी मजदूर है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पुणे निवासी अमित सिंह के कहने पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्म का पंजीकरण कराया और उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए। इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया गया।

हालांकि इन तथ्यों की पुष्टि के लिए जांच अभी जारी है।

50 करोड़ की लिमिट वाला करंट अकाउंट भी जांच में

पुलिस के अनुसार कथित फर्जी फर्म के नाम पर खोले गए करंट बैंक खाते की क्रेडिट लिमिट 50 करोड़ रुपये तक बढ़ाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में हुई 5.30 करोड़ रुपये की ठगी में इसी खाते का इस्तेमाल किया गया। खाते में रकम आने के तुरंत बाद उसे कई अन्य खातों में भेज दिया जाता था, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।

पुलिस का दावा है कि आरोपी ने गिरोह के लिए तीन अन्य बैंक खाते भी खुलवाए थे, जिनका उपयोग कथित रूप से इसी प्रकार के लेनदेन में किया जाता था।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

राजस्थान पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्म के नाम पर खाते खोलने और इतनी बड़ी क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराने की प्रक्रिया में किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका रही या नहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी बैंक कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार मामले में इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। मुख्य आरोपी बताए जा रहे अमित सिंह सहित पूरे साइबर गिरोह की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई। कार्रवाई स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर के थानाधिकारी एवं उपाधीक्षक पुलिस गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई, जिसमें पुलिस निरीक्षक मुकेश, कांस्टेबल अमित कुमार और कांस्टेबल जयसिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

रिद्धि राठौड़ का शानदार प्रदर्शन, 400 और 600 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण पदक

नीमच। शालेय संभाग स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्विमफ्लाय स्पोर्ट्स...

मनासा में घर में सो रहे 40 वर्षीय कालू को सांप ने काटा, समय पर अस्पताल पहुंचाया

मनासा। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शुक्रवार अलसुबह...

Related Articles

Popular Categories