चित्तौड़गढ़। डाक-पार्सल कंटेनर की आड़ में मादक पदार्थ की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने कार्रवाई करते हुए एक डाक-पार्सल कंटेनर से 3 क्विंटल 83 किलो डोडा-चूरा बरामद किया है। पुलिस ने कंटेनर चालक लाल शंकर (29) को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी अतिरिक्त कमाई के लालच में तस्करों के संपर्क में आया और एक राज्य से दूसरे राज्य तक अवैध मादक पदार्थ पहुंचाने का काम करने लगा।
पुलिस के अनुसार ANTF को सूचना मिली थी कि उदयपुर से भीलवाड़ा की ओर जा रहे एक डाक-पार्सल कंटेनर में संदिग्ध सामान ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने नाकाबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। जब कंटेनर मौके पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर सदर थाना क्षेत्र में कंटेनर को रोक लिया।
तलाशी में मिला भारी मात्रा में डोडा-चूरा
आईजीपी विकास कुमार के अनुसार चालक से पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में कंटेनर की तलाशी ली गई तो उसमें से 3 क्विंटल 83 किलो डोडा-चूरा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
200 रुपये प्रति किलो के लालच में जुड़ा नेटवर्क से
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की और बाद में मजदूरी तथा ट्रकों में खलासी का काम किया। ड्राइविंग सीखने के बाद वह कंटेनर चालक बन गया और पिछले सात-आठ महीनों से दिल्ली, अहमदाबाद समेत विभिन्न राज्यों के बीच वाहन चला रहा था।
जांच के दौरान पता चला कि गांव जाने के दौरान उसकी मुलाकात एक तस्कर से हुई। आरोपी को प्रति किलो 200 रुपये अतिरिक्त देने का लालच देकर डाक-पार्सल कंटेनर में डोडा-चूरा छिपाकर तय स्थान तक पहुंचाने का प्रस्ताव दिया गया। अधिक कमाई के लालच में वह इस अवैध नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
डाक-पार्सल कंटेनर इसलिए चुना
पुलिस के अनुसार तस्करों ने डाक-पार्सल और कूरियर कंटेनरों को इसलिए चुना क्योंकि ऐसे वाहनों पर आमतौर पर कम संदेह किया जाता है। ये वाहन नियमित रूप से अलग-अलग राज्यों में पार्सल पहुंचाते हैं, जिससे उनकी आवाजाही सामान्य मानी जाती है। इसी का फायदा उठाकर पार्सलों के बीच मादक पदार्थ छिपाकर भेजा जा रहा था।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से पहले कितनी बार तस्करी की गई, डोडा-चूरा कहां से कंटेनर में रखा गया, इसकी डिलीवरी कहां होनी थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस कंटेनर मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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