नीमच। झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमपी ग्रीन टायर फैक्ट्री में कार्यरत एक कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। फैक्ट्री कर्मचारी की मौत की इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान कंवरलाल पिता बाबूलाल भील (50 वर्ष) निवासी ग्राम कासबी, तहसील जीरन के रूप में हुई है। बताया गया कि वह झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमपी ग्रीन टायर फैक्ट्री में कार्यरत थे और रोज की तरह सोमवार रात करीब 8 बजे अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी ड्यूटी साबित होगी।
तड़के अचानक सीने में दर्द की शिकायत
जानकारी के अनुसार मंगलवार तड़के करीब 5 बजे ड्यूटी के दौरान कंवरलाल ने अचानक सीने में दर्द होने की शिकायत की। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद फैक्ट्री में मौजूद सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया और परिजनों को सूचना दी। स्थिति गंभीर होने पर सहकर्मी और परिजन उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय नीमच लेकर पहुंचे। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और मृतक के गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले चली गई जान
जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों ने आवश्यक परीक्षण किए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर कर्मचारी में जीवन के कोई लक्षण नहीं मिले और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
हालांकि चिकित्सकों की ओर से मृत्यु के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यही वजह है कि अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
बघाना थाना पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही बघाना थाना पुलिस जिला चिकित्सालय पहुंची। पुलिस ने नियमानुसार मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी कारण को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
परिजनों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि परिवार की आजीविका का प्रमुख सहारा अब नहीं रहा।
परिजनों का कहना है कि घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का कारण
फिलहाल फैक्ट्री कर्मचारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट उत्तर अभी किसी के पास नहीं है। पुलिस और चिकित्सकीय प्रक्रिया जारी है। मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है। इसी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारी की मौत का वास्तविक कारण क्या था। इसके बाद पुलिस जांच भी उसी आधार पर आगे बढ़ेगी।
जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, तब तक मृत्यु के कारणों को लेकर किसी भी प्रकार का दावा या निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
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