नीमच। नीमच शहर में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच जहां इंसानों के लिए पानी की जरूरत बढ़ गई है, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ऐसे समय में गऊ सेवा दल ने मानवता और सेवा का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए शहर में जल सेवा अभियान की शुरुआत की है।
गऊ सेवा दल की टीम ने पिछले वर्ष की तरह इस बार भी भीषण गर्मी में गौवंश और अन्य जीवों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए एक विशेष जल सेवा वाहन शुरू किया गया है, जो रोज शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर पानी की टंकियों को भर रहा है।
2 हजार लीटर क्षमता वाले वाहन से पहुंचाया जा रहा पानी
इस अभियान के तहत गऊ सेवा दल ने एक बड़ा जल सेवा वाहन तैयार किया है, जिसमें करीब 2 हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी लगाई गई है। यह वाहन प्रतिदिन शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर छोटी और बड़ी पानी की टंकियों में पानी भरने का काम कर रहा है।
टीम के सदस्यों ने बताया कि अब तक करीब 25 से अधिक स्थानों पर रखी गई पानी की टंकियों को भरा जा चुका है। कई जगहों पर टंकियों में कूड़ा-कचरा जमा मिला, जिसके कारण जानवरों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में गऊ सेवा दल के सदस्यों ने पहले टंकियों की सफाई की और उसके बाद उनमें साफ पानी भरा।
पिछले साल 84 दिनों तक चला था अभियान
गऊ सेवा दल ने बताया कि पिछले वर्ष भी यह जल सेवा अभियान लगातार 84 दिनों तक चलाया गया था। उस दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में रोज पानी पहुंचाकर हजारों बेजुबान पशुओं की प्यास बुझाई गई थी।
इस वर्ष भी टीम ने फैसला लिया है कि पूरी गर्मी तक प्रतिदिन यह सेवा जारी रखी जाएगी। सुबह से लेकर शाम तक सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर पानी भरने का काम करेंगे ताकि कोई भी बेजुबान जीव प्यासा न रहे।
जनसहयोग से चल रहा अभियान
इस अभियान में समाज के लोगों का भी सहयोग मिल रहा है। गऊ सेवा दल के अनुसार कई समाजसेवी और व्यापारियों ने पानी की टंकियां उपलब्ध कराई हैं। वहीं कुछ लोग वाहन संचालन और पानी की व्यवस्था में आर्थिक सहयोग भी दे रहे हैं।
टीम का कहना है कि यदि अधिक लोग इस सेवा से जुड़ें तो शहर के और ज्यादा क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था की जा सकती है। गर्मी में यह अभियान गौवंश के साथ-साथ कुत्तों, पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी राहत का माध्यम बन रहा है।
6 वर्षों से लगातार कर रहे सेवा कार्य
नीमच का गऊ सेवा दल पिछले 6 वर्षों से लगातार सेवा कार्यों में सक्रिय है। संस्था घायल, बीमार, लाचार और विकलांग गौवंश के उपचार और देखभाल का काम भी करती है। सड़क हादसों में घायल हुए पशुओं को अस्पताल पहुंचाने और उनके इलाज की व्यवस्था करने में भी टीम हमेशा आगे रहती है।
संस्था के सदस्यों का कहना है कि बेजुबान जीवों की सेवा करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। यही वजह है कि हर वर्ष गर्मी आते ही जल सेवा अभियान शुरू किया जाता है।
अभियान में ये सदस्य रहे मौजूद
इस दौरान गौ सेवक मितेश अहीर, पार्थ जोशी, कुश सैनी सहित गऊ सेवा दल के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पानी की टंकियों की सफाई की और उनमें स्वच्छ पानी भरने का कार्य किया।
शहरवासियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा बताया है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में इस तरह की पहल बेजुबान जीवों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।
समाज को दिया संवेदनशीलता का संदेश
आज के दौर में जहां लोग अपने कामों में व्यस्त रहते हैं, वहीं गऊ सेवा दल समाज को संवेदनशील बनने का संदेश दे रहा है। गर्मी में पानी की एक बूंद भी किसी बेजुबान की जान बचा सकती है।
संस्था की यह पहल केवल सेवा तक सीमित नहीं है बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी काम कर रही है। यदि हर मोहल्ले और कॉलोनी में लोग मिलकर पानी की छोटी-छोटी व्यवस्थाएं करें तो हजारों पशु-पक्षियों को राहत मिल सकती है।
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