नीमच। शहर के गांधी वाटिका चौराहा स्थित गांधी भवन के सामने एक जीवित और हरे-भरे पेड़ को कथित रूप से रसायन डालकर सुखाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी बढ़ गई है। लोग इस पूरे मामले को हरे-भरे पेड़ की हत्या बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गांधी भवन के सामने स्थित निर्माणाधीन भवन के पास खड़े पेड़ के तने में कई संदिग्ध छेद पाए गए। आरोप है कि इन छेदों में किसी प्रकार का केमिकल या एसिड डाला गया, जिससे धीरे-धीरे पूरा पेड़ सूख गया। आसपास के लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक पेड़ पूरी तरह हरा-भरा था, लेकिन अचानक उसकी शाखाएं और पत्तियां सूखने लगीं।
इस मामले को लेकर जागरूक नागरिक अवध शर्मा ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि हरे-भरे पेड़ की हत्या पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन है।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शहर में लगातार हरियाली कम हो रही है और यदि इस तरह पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जाता रहा तो पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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