नीमच। ग्राम भोलियावास निवासी सपना माली के पति की करंट से पति की मौत के बाद अब परिवार के सामने दो नाबालिग बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी खड़ी हो गई है। सपना माली का आरोप है कि उनके पति मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना-2018 में पंजीकृत थे, इसके बावजूद उन्हें अब तक संबल योजना और अंत्येष्टि सहायता का लाभ नहीं मिल सका है। मंगलवार को वह अपनी फरियाद लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं।
मजदूरी के दौरान हुआ हादसा, परिवार पर टूटा संकट
सपना माली के अनुसार, उनके पति नरेन्द्र कुमार पिता स्व. लालुराम माली मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल 2026 को मजदूरी के दौरान विद्युत करंट की चपेट में आने से नरेन्द्र कुमार की मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी सपना माली पर आ गई। उनके दो नाबालिग बच्चे हैं, जिनमें पुत्री शिवानी और पुत्र हरिश शामिल हैं। सपना का कहना है कि पति के निधन के बाद बच्चों की परवरिश और परिवार की रोजी-रोटी चलाना मुश्किल हो गया है।
पंचायत से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक लगाई गुहार
सपना माली ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने संबल योजना एवं अंत्येष्टि सहायता के लिए ग्राम पंचायत में संपर्क किया था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें अब तक सहायता नहीं मिली। इसी समस्या को लेकर मंगलवार को सपना माली कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और आवेदन सौंपकर प्रशासन से सहायता दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि यदि उनके पति संबल योजना में पंजीकृत थे और परिवार नियमानुसार पात्र है, तो उन्हें योजना का लाभ मिलना चाहिए।
अब सवाल—सहायता क्यों अटकी?
सपना माली ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबल योजना में अपने पति के पंजीयन, सहायता की पात्रता और अब तक लाभ नहीं मिलने के कारणों की जांच की मांग रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पात्रतानुसार परिवार को सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पति की करंट से पति की मौत के बाद सपना माली अब प्रशासन से उस सहायता की उम्मीद लगाए बैठी हैं, जिससे उनके बच्चों के पालन-पोषण में कुछ राहत मिल सके।
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