नीमच। नीमच जिले के ग्राम पालसोड़ा में किसानों की लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण समस्या का समाधान प्रशासन ने समय रहते कर दिया। खेत तक पहुंच का रास्ता बहाल होने से अब किसानों को अपने खेतों तक आने-जाने में किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कार्रवाई किसानों की शिकायत पर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश के बाद राजस्व विभाग द्वारा की गई।
ग्राम पालसोड़ा निवासी किसान रमेशचंद्र शर्मा और रामलाल शर्मा ने जिला प्रशासन को शिकायत देकर बताया था कि उनके खेत तक पहुंचने वाला रास्ता अवरुद्ध हो गया है। रास्ता बंद होने के कारण उन्हें खेती-किसानी से जुड़े दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने दिए तत्काल निर्देश
जिला प्रशासन के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को बिना विलंब मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि रास्ते पर किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण पाया जाए तो नियमानुसार उसे हटाया जाए, ताकि किसानों को जल्द राहत मिल सके।
कलेक्टर के निर्देश के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से चर्चा की तथा राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई प्रारंभ की।
मौके पर पहुंची राजस्व टीम, पूरी की आवश्यक प्रक्रिया
राजस्व विभाग की टीम ने स्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ आवश्यक राजस्व प्रक्रिया भी पूरी की। प्रशासन की ओर से बताया गया कि नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रास्ते पर मौजूद अवरोध को हटाया गया। इसके बाद किसानों के खेत तक आने-जाने का मार्ग फिर से सुचारु हो गया। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह राजस्व नियमों के अनुरूप की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि गतिविधियों में किसी प्रकार की असुविधा से बचाना था। रास्ता खुलने के बाद क्षेत्र के किसानों को भी राहत मिली है, क्योंकि खेत तक निर्बाध पहुंच खेती के लिए बेहद आवश्यक होती है।
खेत तक पहुंच का रास्ता बहाल होने पर किसानों ने जताया आभार
रास्ता बहाल होने के बाद किसान रमेशचंद्र शर्मा और रामलाल शर्मा ने जिला प्रशासन, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और राजस्व विभाग का आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि उनकी शिकायत पर जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।उनका कहना है कि यदि रास्ता लंबे समय तक बंद रहता तो खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो सकते थे। अब मार्ग खुल जाने से कृषि कार्य पहले की तरह आसानी से किए जा सकेंगे।
प्रशासन ने दोहराई अपनी प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन से जुड़े राजस्व प्रकरणों और अन्य शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं न्यायसंगत निराकरण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी नागरिक की समस्या को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा और पात्र मामलों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में भी यदि किसी नागरिक को राजस्व संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो उसकी शिकायत पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खेत तक पहुंच का रास्ता?
ग्रामीण क्षेत्रों में खेत तक पहुंचने का रास्ता केवल आवागमन का साधन नहीं होता, बल्कि कृषि कार्यों की निरंतरता का आधार भी होता है। बीज, खाद, कृषि उपकरण और फसल के परिवहन के लिए निर्बाध मार्ग आवश्यक माना जाता है। ऐसे में रास्ता अवरुद्ध होने से किसानों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
इसी कारण जिला प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा और आवश्यक राजस्व प्रक्रिया पूरी कर किसानों की समस्या का समाधान कराया।
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