मनासा । नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शनिवार को सामने आया मनासा में युवक की संदिग्ध मौत का मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मनासा-मंदसौर नाके पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया गया। करीब ढाई घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ा दी।
घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े। वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
आम के पेड़ से लटका मिला युवक का शव
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान राजमल पिता रामकिशन धनगर निवासी महागढ़ थाना मनासा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजमल का पिछले कुछ दिनों से अपने ही समाज के एक पड़ोसी युवक से विवाद चल रहा था। इस संबंध में थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताई जा रही है।
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर एक आम के पेड़ पर युवक का शव लटका देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और हत्या की आशंका जताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
मनासा में युवक की संदिग्ध मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन
राजमल की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजजन एकत्र हो गए। परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया ताकि मामले को आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
आक्रोशित लोगों ने शव को मनासा-मंदसौर नाके पर रखकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। करीब ढाई घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख मनासा थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। हालांकि शुरुआती दौर में लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम किरण आंजना, एसडीओपी और अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
करीब 2 घंटे 30 मिनट की समझाइश और बातचीत के बाद प्रशासन ने चक्का जाम खुलवाया।
SDM किरण आंजना ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
मनासा में युवक की संदिग्ध मौत मामले को लेकर मनासा एसडीएम किरण आंजना ने कहा कि काफी मशक्कत और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया है। प्रशासन ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे को लेकर भी आश्वस्त किया गया है।
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