नीमच। कृषि उपज मंडी में मंडी शुल्क 1.5 प्रतिशत किए जाने के खिलाफ नीमच में मंडी शुल्क विरोध की तैयारी की गई है। जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने 31 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे स्टेशन रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। प्रकोष्ठ के अनुसार ज्ञापन मंडी प्रबंधन समिति के सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कमल मित्तल ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि मंडी शुल्क में की गई वृद्धि से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुल्क में तत्काल कमी किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान मंडी व्यापारियों के साथ कांग्रेस के जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तथा वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। प्रकोष्ठ ने नीमच कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ के सदस्यों और अन्य व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम का समर्थन करने की अपील की है।
31 जुलाई को मंडी परिसर में जुटेंगे व्यापारी
कमल मित्तल के मुताबिक मंडी शुल्क विरोध के तहत 31 जुलाई 2026 को सुबह 11:30 बजे स्टेशन रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में व्यापारी और कांग्रेस पदाधिकारी एकत्रित होंगे। यहां मंडी प्रबंधन समिति के सचिव को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रकोष्ठ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौरसिया और जिला संगठन मंत्री बृजेश मित्तल मौजूद रहेंगे। इनके अलावा जिले के ब्लॉक अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेसजन और बड़ी संख्या में मंडी व्यापारियों के शामिल होने की बात कही गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी हड़ताल, मंडी बंद या व्यापारिक गतिविधियां रोकने की घोषणा नहीं की गई है। घोषित कार्यक्रम मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने और मंडी शुल्क में कमी की मांग उठाने तक सीमित है।
1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क को लेकर उठाई मांग
जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क को लेकर आपत्ति जताई है। कमल मित्तल का कहना है कि शुल्क में की गई वृद्धि के कारण व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। इसी आधार पर संगठन ने शुल्क में तत्काल कमी की मांग रखी है। प्रकोष्ठ का कहना है कि व्यापारियों के हितों को देखते हुए इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से मंडी प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का कार्यक्रम तय किया गया है।
मंडी शुल्क विरोध के इस कार्यक्रम को लेकर व्यापारियों से भी सहभागिता की अपील की गई है। कमल मित्तल ने नीमच कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ के सभी सदस्यों और अन्य व्यापारियों से 31 जुलाई को मंडी परिसर में पहुंचने का आग्रह किया है।
कमल मित्तल ने व्यापारियों से की ये अपील
कमल मित्तल ने व्यापारियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने इसे जनहित और व्यापारी हित से जुड़ा मुद्दा बताया है।मित्तल के अनुसार मंडी शुल्क में वृद्धि का सीधा प्रभाव व्यापार और किसानों दोनों पर पड़ता है। उन्होंने व्यापारियों की एकजुट सहभागिता को जरूरी बताते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। किसानों और व्यापार पर प्रभाव को लेकर ये बातें कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ की ओर से कही गई हैं।
31 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम में कांग्रेस संगठन के कई पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी की जानकारी भी दी गई है। ऐसे में संगठन ने मंडी शुल्क विरोध के मुद्दे पर व्यापारियों को एक साथ लाने की तैयारी की है।
मंडी प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी मांग
प्रस्तावित कार्यक्रम में ज्ञापन सीधे मुख्यमंत्री को नहीं, बल्कि कृषि उपज मंडी प्रबंधन समिति के सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा। ज्ञापन में 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क में तत्काल कमी किए जाने की मांग प्रमुख रूप से रखी जाएगी। जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के मुताबिक शुल्क में वृद्धि से व्यापारियों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक भार को सरकार के सामने रखा जाएगा। संगठन का प्रयास है कि नीमच के मंडी व्यापारियों की मांग ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचे।
यह कार्यक्रम स्टेशन रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किया जाएगा। प्रकोष्ठ की घोषणा के अनुसार व्यापारी, कांग्रेस पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता सुबह 11:30 बजे यहां एकत्रित होंगे।
अब 31 जुलाई के कार्यक्रम पर नजर
नीमच में मंडी शुल्क विरोध को लेकर 31 जुलाई की तारीख तय होने के बाद अब प्रस्तावित ज्ञापन कार्यक्रम पर नजर रहेगी। कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने व्यापारियों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है, जबकि मुख्य मांग 1.5 प्रतिशत मंडी शुल्क में कमी की है।
प्रकोष्ठ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौरसिया, जिला संगठन मंत्री बृजेश मित्तल, ब्लॉक अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसजन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। मंडी व्यापारियों से भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया गया है। फिलहाल मंडी शुल्क विरोध को लेकर घोषित कार्यक्रम 31 जुलाई को ज्ञापन सौंपने का है। उपलब्ध जानकारी में इसके बाद किसी अन्य आंदोलन, प्रदर्शन, हड़ताल या मंडी बंद की घोषणा का उल्लेख नहीं है।
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