नंगे पैर चलना: दिल के लिए कितना फायदेमंद? रोज 15–30 मिनट की वॉक से जुड़े ये फायदे
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
31 अगस्त 2026, (अपडेटेड 31 अगस्त 2026, 11:15 पूर्वाह्न IST)

सुबह या शाम कुछ समय नंगे पैर चलना पैरों को जमीन का सीधा सेंसरी फीडबैक देने के साथ शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है। नियमित वॉकिंग से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बेहतर करने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और लंबे समय तक बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल के नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, नंगे पैर चलना सामान्य वॉकिंग की तुलना में सीधे तौर पर दिल के लिए ज्यादा फायदेमंद है, विशेषज्ञों और उपलब्ध शोध के आधार पर इसका संभावित फायदा मुख्य रूप से नियमित शारीरिक गतिविधि से जुड़ा माना जाता है।

क्या नंगे पैर चलना हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है?

नंगे पैर चलने का संभावित फायदा सिर्फ पैरों के जमीन से संपर्क तक सीमित नहीं है। जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से चलता है तो शरीर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और हार्ट रेट बढ़ता है। नियमित शारीरिक गतिविधि कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस को बेहतर करने में मदद कर सकती है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, वयस्कों को हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि करने की सलाह दी जाती है। इसमें तेज चाल से चलना भी शामिल है। नियमित वॉकिंग हार्ट हेल्थ के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को बेहतर रखने में मदद कर सकती है। इसलिए हार्ट हेल्थ के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण बात नियमित रूप से सक्रिय रहना है। नंगे पैर चलना इस शारीरिक गतिविधि का एक तरीका हो सकता है, लेकिन इसे किसी हृदय रोग के इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

जमीन से सीधा संपर्क शरीर में क्या बदलता है?

जूते पहनकर चलने पर पैरों को कुशनिंग और सपोर्ट मिलता है। वहीं, नंगे पैर चलने पर तलवों का जमीन से सीधा संपर्क होता है। इससे पैरों को सतह का सेंसरी फीडबैक मिलता है और चलने के तरीके में कुछ बदलाव आ सकते हैं। प्राकृतिक सतह पर चलने से पैरों की छोटी मांसपेशियों और नसों के सिरों को अलग तरह की उत्तेजना मिल सकती है। यही कारण है कि कुछ लोगों को घास जैसी प्राकृतिक सतह पर नंगे पैर चलना आरामदायक लगता है।

ब्लड प्रेशर को लेकर क्या सामने आया?

नंगे पैर सुबह चलने और ब्लड प्रेशर के बीच संभावित संबंध पर कुछ शोध किए गए हैं। हालिया एक अध्ययन में हाइपरटेंशन वाले वयस्कों में सुबह नंगे पैर चलने के प्रभाव का अध्ययन किया गया है। इसमें ब्लड प्रेशर पर संभावित असर की जांच की गई, लेकिन ऐसे सीमित अध्ययनों के आधार पर नंगे पैर चलने को हाई ब्लड प्रेशर का स्थापित इलाज नहीं माना जा सकता।

दूसरी ओर, सामान्य वॉकिंग के प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण ज्यादा मजबूत हैं। 73 ट्रायल और हजारों प्रतिभागियों को शामिल करने वाली एक व्यवस्थित समीक्षा में पाया गया कि नियमित वॉकिंग से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में कमी आ सकती है। इसलिए ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ के लिए नंगे पैर चलने से ज्यादा महत्वपूर्ण नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखना है।

रोज 15–30 मिनट चलने से क्या फायदा हो सकता है?

अगर कोई व्यक्ति अभी बहुत कम शारीरिक गतिविधि करता है, तो छोटी अवधि की वॉक से शुरुआत करना उपयोगी हो सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, शुरुआत में छोटी-छोटी वॉक भी की जा सकती हैं और धीरे-धीरे गतिविधि की अवधि बढ़ाई जा सकती है।

15–30 मिनट की नियमित वॉक से संभावित रूप से:

  • रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि बढ़ सकती है।
  • कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस को सपोर्ट मिल सकता है।
  • स्टेमिना और ऊर्जा बेहतर हो सकती है।
  • लंबे समय तक बैठे रहने की आदत कम हो सकती है।
  • वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
  • ब्लड प्रेशर को बेहतर रखने में सहायता मिल सकती है।
  • मेटाबॉलिक हेल्थ को सपोर्ट मिल सकता है।

हालांकि, केवल 15–30 मिनट नंगे पैर चलने को इन सभी फायदों का सीधा कारण मानना सही नहीं होगा। इन लाभों में मुख्य भूमिका नियमित शारीरिक गतिविधि की है।

नंगे पैर चलना है तो इन बातों का रखें ध्यान

नंगे पैर वॉक करते समय सुरक्षित और साफ सतह का चुनाव करना जरूरी है। पार्क या घास पर चलते समय यह देखना चाहिए कि जमीन पर कांच, कांटे, नुकीले पत्थर या अन्य ऐसी वस्तुएं न हों, जिनसे पैरों में चोट लग सकती है। अगर लंबे समय से वॉकिंग नहीं की है तो शुरुआत कम समय से करना बेहतर है। शरीर की क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे समय और गति बढ़ाई जा सकती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन भी शारीरिक गतिविधि की मात्रा और तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह देता है।

यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय संबंधी बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो नई एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

क्या नंगे पैर चलना सामान्य वॉक से बेहतर है?

इसका जवाब फिलहाल स्पष्ट रूप से हां नहीं है। सामान्य वॉकिंग के हार्ट हेल्थ और ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक प्रभाव को लेकर पर्याप्त शोध उपलब्ध है, लेकिन नंगे पैर चलने से जूते पहनकर चलने की तुलना में दिल को अतिरिक्त फायदा मिलता है, इसके प्रमाण अभी सीमित हैं।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति को सुरक्षित सतह पर नंगे पैर चलना पसंद है तो वह इसे अपनी नियमित वॉकिंग का हिस्सा बना सकता है। लेकिन हार्ट हेल्थ के लिए मुख्य लक्ष्य हर सप्ताह पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करना होना चाहिए।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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