नीमच, 15 जुलाई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में बुधवार से नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई। अभियान का शुभारंभ पुलिस कंट्रोल रूम से निकाली गई साइकिल रैली के साथ हुआ। रैली को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखते हुए खेल, स्वास्थ्य और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करना है।
पुलिस विभाग के अनुसार यह विशेष जनजागरूकता अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
दो सप्ताह तक जिलेभर में चलेंगी जागरूकता गतिविधियां

अभियान के शुभारंभ अवसर पर सुबह पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) एस.के. अटोदे तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉ. मनीष चमड़िया मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अधिकारियों ने अभियान के माध्यम से समाज में नशे के विरुद्ध सकारात्मक संदेश पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली साइकिल रैली
पुलिस कंट्रोल रूम से शुरू हुई साइकिल रैली शहर के प्रमुख चौराहों एवं व्यस्त मार्गों से होकर गुजरी। रैली में पुलिस अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी और आईएमए के सदस्य शामिल हुए। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने “से नो टू ड्रग्स” जैसे जागरूकता संदेशों के साथ लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। रास्तेभर नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
युवाओं को नशे से दूर रखना अभियान का मुख्य उद्देश्य

पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चलाया जा रहा यह दो सप्ताह का विशेष अभियान युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने और समाज में जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग माध्यमों से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी ताकि समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
विभिन्न वर्गों की भागीदारी पर रहेगा जोर
अभियान में पुलिस विभाग के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संस्थाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। स्कूली विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी के जरिए नशे के खिलाफ प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सकता है, जिससे युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
अभियान का उद्देश्य
- युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना।
- समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना।
- विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
- जनसहयोग से नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रयास करना।
पुलिस की अपील
पुलिस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। विभाग का कहना है कि जनसहयोग से ही नशा मुक्त समाज के लक्ष्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






