नीमच | नीमच जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार रात 8 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के प्रयास का मामला सामने आया। बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति बच्ची के पास पहुंचा और उसके माता-पिता के नीचे खाना लेने जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले जाने लगा। इसी दौरान अस्पताल के सुरक्षा गार्ड की नजर उस पर पड़ गई। गार्ड को अपनी ओर आता देख संदिग्ध बच्ची को छोड़कर मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद अस्पताल में मौजूद बच्ची के परिजनों और अन्य लोगों में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कैंट थाना पुलिस ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्ची और उसके परिजनों से जानकारी ली। फिलहाल पुलिस अस्पताल में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर संदिग्ध की पहचान और तलाश में जुटी है।
मां के बाथरूम जाते ही बच्ची के पास पहुंचा व्यक्ति
घटना मंगलवार रात करीब 10:15 बजे की है। नीमच जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की ऊपरी मंजिल स्थित मेडिकल वार्ड में एक महिला अपनी परिचित से मिलने पहुंची थी। महिला के साथ 8 वर्षीय बच्ची भी मौजूद थी। बताया गया कि महिला कुछ देर के लिए बाथरूम चली गई। इसी दौरान वार्ड में काफी देर से बैठा एक अज्ञात व्यक्ति बच्ची के पास पहुंचा और उससे बातचीत करने लगा। आरोप है कि उसने बच्ची को यह कहकर भ्रमित किया कि उसके माता-पिता नीचे खाना लेने गए हैं।
इसके बाद वह बच्ची को अपने साथ नीचे ले जाने लगा। इसी दौरान वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड की नजर संदिग्ध व्यक्ति और बच्ची पर पड़ी।
गार्ड की नजर पड़ी तो बदल गया पूरा घटनाक्रम
सुरक्षा गार्ड को संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि पर शक हुआ। वह तत्काल उसकी तरफ बढ़ा। बताया गया कि गार्ड को अपनी ओर आते देखकर संदिग्ध घबरा गया और बच्ची को वहीं छोड़कर भाग निकला। गार्ड की सतर्कता के कारण बच्ची को अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने की स्थिति नहीं बन सकी। घटना के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। अस्पताल में मौजूद लोगों ने भी सुरक्षा गार्ड की मुस्तैदी की सराहना की।
हालांकि, संदिग्ध व्यक्ति की पहचान अभी सामने नहीं आई है। उसके द्वारा बच्ची को अपने साथ ले जाने की कोशिश के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह भी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन
घटना की जानकारी मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची के परिजनों और अस्पताल स्टाफ से घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद कैंट थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची और उसके परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास की स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच शुरू की।
CCTV फुटेज में तलाशा जा रहा संदिग्ध
सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बताया गया है कि संदिग्ध की गतिविधियां CCTV कैमरों में कैद हुई हैं। कैंट थाना पुलिस अब फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह अस्पताल में कब आया, कितनी देर तक वहां मौजूद रहा और घटना के बाद किस दिशा में गया।
पुलिस द्वारा संदिग्ध की पहचान होने के बाद ही उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
नीमच जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में
इस घटना के बाद नीमच जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन आते-जाते हैं। ऐसे में वार्डों में मौजूद संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मामले में सुरक्षा गार्ड की सतर्कता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि पर समय रहते नजर पड़ने के कारण बच्ची को उसके साथ आगे जाने से रोका जा सका।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी विशेष कमी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में भी आगे की जानकारी संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही सामने आ सकेगी।
बच्ची सुरक्षित, जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
घटना में बच्ची को किसी तरह की चोट लगने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। संदिग्ध व्यक्ति गार्ड को अपनी ओर आता देखकर बच्ची को छोड़कर भाग गया था। फिलहाल पुलिस की जांच CCTV फुटेज और प्रत्यक्ष जानकारी पर केंद्रित है। संदिग्ध की पहचान और घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
नीमच जिला अस्पताल में हुई इस घटना ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि सुरक्षा गार्ड की सतर्कता के चलते बच्ची को संदिग्ध व्यक्ति अपने साथ नहीं ले जा सका। कैंट थाना पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान और तलाश में जुटी है। जब तक पुलिस जांच पूरी नहीं होती, तब तक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
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