नीमच: नीमच में रविवार को विजया मित्र मंडल की 25वीं कावड़ यात्रा बावड़ी वाले बालाजी मंदिर से शुरू होकर नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंची। सावन माह के अवसर पर आयोजित इस यात्रा में मंडल के अनुसार करीब 1000 कावड़ यात्रियों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने कावड़ में पवित्र जल भरकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अच्छी वर्षा की कामना की। यात्रा की शुरुआत तिलक मार्ग स्थित प्रसिद्ध बावड़ी वाले बालाजी मंदिर से रविवार सुबह हुई। कावड़ यात्रियों ने यहां अपनी कावड़ में जल भरा और भगवान शिव के जयकारों के साथ यात्रा प्रारंभ की। यात्रा के दौरान ‘बम-बम भोले’, ‘बोल बम’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा
विजया मित्र मंडल की कावड़ यात्रा नीमच शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी। यात्रा जाजू बिल्डिंग, बारादरी चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, नीमच सिटी, पिपली चौक, जैन छात्रावास, मानस नाका और पीजी कॉलेज सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरी। यात्रा में महिला, पुरुष और बच्चे भी कावड़ लेकर शामिल हुए। बैंड-बाजे और डीजे पर बज रहे शिव भजनों के बीच कावड़ यात्री आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया और भगवान शिव के जयकारों से मार्ग धार्मिक माहौल में नजर आए।
विजया मित्र मंडल के सदस्यों के अनुसार प्रतिवर्ष नीमच से नीलकंठ महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह यात्रा 25वीं बार आयोजित की गई। मंडल के अनुसार बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कावड़ लेकर यात्रा में भाग लिया और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए।
जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
नीमच कावड़ यात्रा के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और शहरवासियों की ओर से कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर पुष्प वर्षा की गई। बैंड-बाजे और शिव भजनों के बीच आगे बढ़ रहे कावड़ यात्रियों के स्वागत से यात्रा का धार्मिक स्वरूप और अधिक उत्साहपूर्ण नजर आया। कावड़ यात्री अपनी कावड़ लेकर निर्धारित मार्ग से नीलकंठ महादेव मंदिर की ओर रवाना हुए।
लक्ष्मी मंगल वेयरहाउस पर अल्पाहार की व्यवस्था
यात्रा के दौरान कावड़ यात्रियों के लिए लक्ष्मी मंगल वेयरहाउस पर अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। इसके बाद यात्रा गुरुद्वारा रंगीली मार्ग से होते हुए नीलकंठ महादेव मंदिर की ओर आगे बढ़ी। यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना और अच्छी वर्षा की कामना करना बताया गया। मंडल के अनुसार इसी भावना के साथ प्रतिवर्ष यह कावड़ यात्रा आयोजित की जाती है।
नीलकंठ महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक
नीमच कावड़ यात्रा नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। कावड़ में लेकर आए जल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया और पूजा-अर्चना की गई। मंदिर पहुंचने के बाद कावड़ यात्रियों ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। सावन माह में आयोजित इस यात्रा का समापन भगवान नीलकंठ महादेव के जलाभिषेक के साथ हुआ।
दोपहर में हुई संगीतमय शिव भजन संध्या
नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में दोपहर के समय संगीतमय शिव भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। स्थानीय गायकों ने भगवान शिव से जुड़े भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालुओं ने शिव भजनों का आनंद लिया। धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया।
25वीं यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु
विजया मित्र मंडल के सदस्यों के अनुसार 25वीं कावड़ यात्रा में करीब 1000 कावड़ यात्री शामिल हुए। इनमें महिलाओं की भी बड़ी संख्या रही। कावड़ यात्रियों ने पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लिया और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए नीलकंठ महादेव मंदिर तक पहुंचे। यात्रा के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में हुए स्वागत और पुष्प वर्षा ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। बावड़ी वाले बालाजी मंदिर से शुरू हुई यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंची, जहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।
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