नीमच। नीमच जिला कलेक्टर के समक्ष 1 सितंबर 2026 को प्रस्तुत शिकायत में पटवारी प्रदीप बैरागी और नीमच के तत्कालीन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल पर भ्रष्टाचार सहित गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता उमाकांत पुरोहित ने सर्वे क्रमांक 610/1 में पेट्रोल पंप निर्माण के लिए जारी NOC निरस्त करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार मामला शासकीय भूमि, नाले और सीमांकन से जुड़ा है। वहीं पटवारी प्रदीप बैरागी ने लगाए गए आरोपों को असत्य और निराधार बताया है। तत्कालीन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल ने मामले को पुराना बताते हुए फाइल और दस्तावेजों का अवलोकन किए बिना अपना पक्ष रखने में असमर्थता जताई है।
सर्वे नंबर 610/1 और शासकीय जमीन को लेकर विवाद
शिकायत के मुताबिक नीमच-मनासा मार्ग के 5/2 क्षेत्र में सर्वे क्रमांक 610 के सामने से एक नाला गुजरता है। आवेदन में दावा किया गया है कि यह नाला दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर बहते हुए सर्वे क्रमांक 610, 609, 608 और 607 से होकर पीछे स्थित बड़े नाले में मिलता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस नाले पर जयंतीलाल पिता हजारीलाल जैन द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि सर्वे क्रमांक 610/2 की 0.018 हेक्टेयर भूमि शासकीय दर्ज है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि शासकीय भूमि का उचित सीमांकन किए बिना निजी व्यक्ति की भूमि का सीमांकन किया गया, जिससे उसे कथित तौर पर लाभ पहुंचा। इसी प्रक्रिया को लेकर नीमच पटवारी भ्रष्टाचार आरोप सामने आए हैं।
पुराने आदेश और नक्शा तरमीम का हवाला
शिकायत में तहसीलदार न्यायालय के पुराने आदेशों और नक्शा तरमीम का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन हल्का पटवारी गिरदोड़ा प्रदीप बैरागी और तत्कालीन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल ने कथित रूप से नियमों के विपरीत कार्य करते हुए खाताधारक जयंतीलाल पिता हजारीलाल जैन को लाभ पहुंचाया। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित राजस्व रिकॉर्ड और सक्षम प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CM हेल्पलाइन शिकायतों का भी उल्लेख
शिकायतकर्ता ने बताया कि सर्वे क्रमांक 607 और 608 पर कथित अवैध कब्जे को लेकर उन्होंने पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दो शिकायतें दर्ज कराई थीं। इनके शिकायत नंबर 32118431 और 35267823 बताए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों शिकायतों को संतोषजनक समाधान के बिना बंद कर दिया गया।
इसके अलावा, सर्वे क्रमांक 610/1 में पेट्रोल पंप निर्माण के लिए जारी NOC को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी की ओर से अपर जिलाधिकारी कार्यालय को अनुशंसा भेजी गई थी। उनका आरोप है कि अनुशंसा में मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में 12 जून 2025 को ADM कार्यालय में आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं मिला।
कलेक्टर से जांच और NOC निरस्त करने की मांग
शिकायतकर्ता उमाकांत पुरोहित ने कलेक्टर से पटवारी प्रदीप बैरागी को तत्काल निलंबित करने, तत्कालीन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल के खिलाफ जांच बैठाने और शासन को जांच से अवगत कराने की मांग की है। इसके साथ ही सर्वे क्रमांक 610/1 में पेट्रोल पंप निर्माण के लिए जारी NOC को निरस्त करने की मांग भी की गई है।
पटवारी ने आरोपों को बताया निराधार
पटवारी प्रदीप बैरागी ने नीमच पटवारी भ्रष्टाचार आरोप को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता और पेट्रोल पंप संचालक के बीच दशकों पुरानी रंजिश है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के पिता के नाम से भी आसपास जमीन है और नाले को लेकर विवाद है। पटवारी ने कहा कि वह वर्तमान में ग्राम कानाखेड़ा में पदस्थ हैं। उनके अनुसार, दस्तावेजों में आज दिनांक तक कोई संशोधन नहीं हुआ है और शिकायतकर्ता करीब दो दशक से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक हुई जांच में कुछ नहीं पाया गया। तत्कालीन तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल ने भी कहा कि मामला काफी पुराना है और फाइल व दस्तावेज देखने के बाद ही वह अपना पक्ष रख पाएंगे।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






