रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल की गाड़ी संख्या 14802 में यात्रा कर रहे एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कोच SE-2 में यात्रा के दौरान यात्री मनोज वर्मा अचेत होकर गिर पड़े और उनकी सांसें रुकने लगीं। ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात विद्युत विभाग के कर्मचारी जीशान अली ने तत्काल CPR देना शुरू किया, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में यात्री की सांसें वापस आने लगीं और उनकी स्थिति में सुधार हुआ।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 अगस्त 2026 को गाड़ी संख्या 14802 में हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ऑन ड्यूटी कर्मचारी जीशान अली ने बिना समय गंवाए यात्री को CPR देना शुरू किया। इसके बाद अन्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सहायता से यात्री को चिकित्सीय उपचार उपलब्ध कराया गया।
चलती ट्रेन में अचानक बिगड़ी यात्री की हालत
रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 14802 में यात्रा कर रहे मनोज वर्मा को अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हुई। वे अचेत होकर गिर पड़े और उनकी सांसें रुकने लगीं। ट्रेन में मौजूद लोगों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर थी और तत्काल सहायता की आवश्यकता थी।
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद रतलाम मंडल के विद्युत विभाग के कर्मचारी जीशान अली ने स्थिति को समझते हुए यात्री को CPR देना शुरू किया। उन्होंने लगातार CPR जारी रखा। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में यात्री की सांसें वापस आने लगीं और उनकी हालत में सुधार दिखाई दिया। यह पूरी कार्रवाई ट्रेन के सफर के दौरान हुई, जहां तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध होने तक यात्री को प्राथमिक स्तर पर जीवनरक्षक सहायता की आवश्यकता थी।
CPR से यात्री की हालत में आया सुधार
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अनुसार, जीशान अली द्वारा लगातार और सही तरीके से CPR दिए जाने के बाद यात्री की सांसें वापस आने लगीं। इसके बाद वहां मौजूद अन्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने भी सहायता की। यात्री को आगे तत्काल चिकित्सीय उपचार उपलब्ध कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समय पर की गई कार्रवाई के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।
घटना में सामने आई अहम बातें
- यात्री मनोज वर्मा गाड़ी संख्या 14802 में सफर कर रहे थे।
- वे SE-2 कोच में यात्रा कर रहे थे।
- अचानक अचेत होकर गिरने के बाद उनकी सांसें रुकने लगीं।
- ऑन ड्यूटी विद्युत विभाग के कर्मचारी जीशान अली ने CPR शुरू किया।
- CPR के बाद यात्री की सांसें वापस आने लगीं।
- बाद में अन्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की मदद से चिकित्सीय उपचार उपलब्ध कराया गया।
रतलाम मंडल कर्मचारी की तत्परता की सराहना
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सेवा को प्राथमिकता देने की बात कही है। रेलवे के अनुसार, मंडल के कर्मचारी अपने नियमित दायित्वों के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी यात्रियों की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं। इस घटना में जीशान अली की तत्काल कार्रवाई को इसी सेवा भावना और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बताया गया है। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने भी उनके प्रयास की सराहना की।
यात्री मनोज वर्मा और उनके परिजनों ने जीशान अली के प्रति आभार व्यक्त किया। परिजनों के अनुसार, उनकी त्वरित कार्रवाई और CPR की जानकारी ने संकट की स्थिति में महत्वपूर्ण मदद की।
आपात स्थिति में CPR की भूमिका आई सामने
इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन यात्रा के दौरान आपात स्थिति में तत्काल सहायता के महत्व को सामने रखा है। यात्री के अचेत होने और सांस रुकने जैसी स्थिति में समय पर CPR शुरू किया जाना महत्वपूर्ण रहा।
हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में CPR या अन्य चिकित्सीय प्रक्रिया प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा उचित तरीके से किया जाना चाहिए। इस मामले में रेलवे की जानकारी के अनुसार, ऑन ड्यूटी कर्मचारी जीशान अली ने CPR देकर यात्री की सहायता की और बाद में उन्हें चिकित्सीय उपचार उपलब्ध कराया गया।
रेलवे कर्मचारी की मानवीय पहल
रेलवे कर्मचारी सामान्य रूप से यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। लेकिन इस घटना में रतलाम मंडल के विद्युत विभाग के कर्मचारी जीशान अली ने अपने नियमित कार्य से आगे बढ़कर आपात स्थिति में यात्री की मदद की। चलती ट्रेन में अचानक अचेत हुए यात्री को CPR देना और चिकित्सीय सहायता मिलने तक उनकी मदद करना उनकी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।
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