भोपाल/नीमच: मध्य प्रदेश की राजनीति में शिवराज की शिकायत से जुड़ा मामला चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मध्य प्रदेश में कृषि वर्ष के कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किए जाने की आपत्ति सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने अपने जवाब में अब तक आयोजित कृषि वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों और उनमें शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी का विवरण दिया है।
मामला उस समय चर्चा में आया, जब शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। इसके बाद इस मुलाकात में मध्य प्रदेश से जुड़े मुद्दे पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इस बातचीत का आधिकारिक विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
पीएम से शिवराज ने क्या शिकायत की?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मध्य प्रदेश में कृषि वर्ष के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने की आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान का कहना था कि जब वे मध्य प्रदेश में ही मौजूद थे, तब भी कई मौकों पर उन्हें संबंधित कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया गया।
इसी शिकायत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगे जाने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीएमओ की ओर से पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में इस मामले को लेकर जवाब तैयार किया गया।
सरकार ने क्या जवाब दिया?
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए जवाब में राज्य में आयोजित कृषि वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों का विवरण रखा गया है। सरकार के मुताबिक, अब तक तीन जिलों में कृषि वर्ष से संबंधित पांच कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि इन कार्यक्रमों में कई मौकों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक साथ मंच साझा किया। राज्य सरकार के जवाब का मुख्य आधार यही है कि शिवराज सिंह चौहान को कई कार्यक्रमों में शामिल किया गया था और उनकी मौजूदगी वाले आयोजनों में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उनके साथ मंच पर मौजूद रहे।
पांच में से चार कार्यक्रमों में साथ दिखे शिवराज-मोहन
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मध्य प्रदेश सरकार के जवाब के अनुसार, पांच कार्यक्रमों में से चार में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच साझा किया। एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की ओर से मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को प्रतिनिधि बनाकर भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
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सरकार ने अपने जवाब में शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र से जुड़े आयोजनों का भी उल्लेख किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कृषि वर्ष से संबंधित कार्यक्रम सीहोर, रायसेन और विदिशा में आयोजित किए गए थे। इन आयोजनों के अलावा इंदौर में केंद्र सरकार की ओर से आयोजित कृषि संबंधी कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान दोनों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
विदिशा के कार्यक्रम का भी दिया हवाला
मध्य प्रदेश सरकार ने 20 जून 2026 को विदिशा में आयोजित कार्यक्रम का भी उल्लेख किया है। इस कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करने को लेकर आयोजन किया गया था। सरकार के जवाब के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा में हुए आयोजन के अलावा भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में भी उन्हें मंच दिया गया था।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि एक कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं उपस्थित होने के बजाय अपने प्रतिनिधि को भेजा था। इस तरह सरकार ने अपने जवाब में अलग-अलग कार्यक्रमों का विवरण देते हुए यह पक्ष रखा कि कृषि वर्ष से जुड़े आयोजनों में शिवराज सिंह चौहान की भागीदारी रही है।
इंदौर के कृषि कार्यक्रम का भी जिक्र
सरकार के जवाब में इंदौर में केंद्र सरकार की ओर से आयोजित कृषि संबंधी कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया है। इस आयोजन में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोनों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
इस कार्यक्रम को कृषि पर केंद्रित आयोजन के तौर पर बताया गया है। उपलब्ध जानकारी में इसे BRICS सम्मेलन से जुड़े कृषि फोकस वाले कार्यक्रम के रूप में उल्लेखित किया गया है। सरकार के अनुसार, ऐसे आयोजनों में दोनों नेताओं की मौजूदगी और मंच साझा करने का रिकॉर्ड उसके जवाब का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मूंग खरीद को लेकर भी उठ चुका है विवाद
शिवराज सिंह चौहान की शिकायत से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम के बीच मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर भी विवाद सामने आया था। मूंग खरीदी के मुद्दे ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा की थी। हालांकि उपलब्ध जानकारी में मूंग खरीद विवाद और शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री से शिकायत के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध स्थापित नहीं किया गया है। इसलिए दोनों मुद्दों को अलग-अलग घटनाक्रम के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक तालमेल पर चर्चा
शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश सरकार के बीच तालमेल को लेकर यह घटनाक्रम राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। शिकायत के बाद पीएमओ की ओर से राज्य सरकार से जवाब मांगे जाने और सरकार द्वारा कार्यक्रमों का विवरण देने से मामला और चर्चा में आया है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री के सामने कृषि वर्ष के कार्यक्रमों में आमंत्रण से जुड़ी अपनी आपत्ति रखी थी। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने अपने जवाब में पांच कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें से चार में मुख्यमंत्री मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान ने मंच साझा किया था।
फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय या शिवराज सिंह चौहान की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत सार्वजनिक बयान का उल्लेख नहीं है। इसलिए शिकायत के कारणों और राजनीतिक प्रभाव को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
क्या है पूरे मामले का सार?
- शिवराज सिंह चौहान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई थी।
- मुलाकात में मध्य प्रदेश के कृषि वर्ष कार्यक्रमों से जुड़ी शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई।
- शिकायत में कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किए जाने की आपत्ति बताए जाने की बात कही गई।
- इसके बाद पीएमओ की ओर से मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगे जाने की जानकारी है।
- राज्य सरकार ने पांच कृषि वर्ष कार्यक्रमों का विवरण अपने जवाब में दिया।
- सरकार के मुताबिक, पांच में से चार कार्यक्रमों में मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान ने मंच साझा किया।
- एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा था।
- 20 जून 2026 को विदिशा में किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त से संबंधित कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया।
- इंदौर में आयोजित केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कार्यक्रम में भी दोनों नेताओं की मौजूदगी बताई गई है।
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