नीमच। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार कल 18 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश सहित पूरे प्रदेश में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष लोक अदालत में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस) से संबंधित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण किया जाएगा। जिले में यह आयोजन नीमच, जावद और मनासा में होगा, जहां संबंधित न्यायालयों की अलग-अलग खंडपीठें गठित की गई हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नीमच के अनुसार, संबंधित पक्षकार इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करा सकते हैं। विशेष लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस मामलों का सहमति के आधार पर समाधान करना है।
चेक बाउंस मामलों के त्वरित निस्तारण पर रहेगा फोकस
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विशेष लोक अदालत में केवल धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत आने वाले चेक बाउंस प्रकरणों पर सुनवाई की जाएगी। यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने के इच्छुक हैं, तो राजीनामे के माध्यम से मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का कहना है कि इस व्यवस्था से संबंधित पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ-साथ न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिलेगी।
नीमच में गठित की गई विशेष खंडपीठ
जिला मुख्यालय नीमच में आयोजित विशेष लोक अदालत के लिए निम्न न्यायिक अधिकारियों की खंडपीठ गठित की गई है—
- श्री आलोक कुमार सक्सेना, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (अत्याचार निवारण अधिनियम)
- श्री विशाल खड़े, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
यह खंडपीठ चेक बाउंस मामलों की सुनवाई कर आपसी सहमति के आधार पर उनके निस्तारण का प्रयास करेगी।
जावद और मनासा में भी होंगी अलग-अलग खंडपीठ
जिले की अन्य तहसीलों में भी विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी।
जावद तहसील
जावद में गठित खंडपीठ में शामिल हैं—
- श्री विनोद कुमार पाटीदार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश
- श्री अमित नगायच, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
मनासा तहसील
मनासा में गठित खंडपीठ में शामिल हैं—
- श्री दिनेश कुमार प्रजापति, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश
- श्री राकेश कुमार मरावी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
इन दोनों तहसीलों में भी चेक बाउंस प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नीमच की सचिव श्रीमती शोभना मीणा ने बताया कि विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस से संबंधित मामलों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के लिए विशेष लोक अदालत में उपस्थित होकर राजीनामे की प्रक्रिया में सहयोग करें।
किन मामलों का होगा निराकरण
विशेष लोक अदालत में मुख्य रूप से निम्न प्रकार के मामलों का निराकरण किया जाएगा—
- धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत दर्ज चेक बाउंस प्रकरण।
- ऐसे मामले जिनमें दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हों।
- राजीनामे के माध्यम से निस्तारित किए जा सकने वाले लंबित प्रकरण।
विशेष लोक अदालत क्यों है महत्वपूर्ण
विशेष लोक अदालत का उद्देश्य विवादों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है। आपसी सहमति से मामलों के निस्तारण से संबंधित पक्षों का समय और न्यायिक प्रक्रिया पर होने वाला खर्च कम हो सकता है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में भी सहायता मिलती है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार यह विशेष लोक अदालत 18 जुलाई को प्रदेशभर में एक साथ आयोजित की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षकारों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पहल को सफल बनाने की अपील की है।
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