सिंगोली। सिंगोली थाना क्षेत्र के तिलस्वां घाट में रविवार दोपहर हुए भीषण बस हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। भीलवाड़ा से सिंगोली आ रही यात्रियों से भरी शिवशक्ति बस अचानक अनियंत्रित होकर घाट में पलट गई। हादसे में करीब 30 यात्री घायल हो गए, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के तुरंत बाद बस चालक और कंडक्टर मौके से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, बस क्रमांक RJ 20 PB 1553 रविवार दोपहर करीब 1:45 बजे भीलवाड़ा से सिंगोली की ओर आ रही थी। जैसे ही बस तिलस्वां घाट के खतरनाक मोड़ पर पहुंची, चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में चल रही थी। घाट क्षेत्र में अचानक संतुलन बिगड़ने से बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद कई यात्री बस के अंदर फंस गए। आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को बाहर निकालना शुरू किया।
तिलस्वां घाट में हुए इस हादसे के बाद कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
ड्राइवर-कंडक्टर मौके से फरार
घटना के बाद सबसे ज्यादा नाराजगी बस चालक और कंडक्टर को लेकर देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद दोनों मौके से भाग निकले। यात्रियों ने आरोप लगाया कि चालक पहले से ही तेज गति में बस चला रहा था।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तिलस्वां घाट क्षेत्र में कई निजी बस संचालक नियमों की अनदेखी कर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है।
पुलिस और प्रशासन तुरंत पहुंचा मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डायल-112, एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से घायलों को सिंगोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में घायल पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दो गंभीर घायलों को किया रेफर
डॉक्टरों के मुताबिक हादसे में घायल एक महिला और एक पुरुष की हालत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। तिलस्वां घाट हादसे में घायल अन्य यात्रियों का उपचार सिंगोली अस्पताल में जारी है। कुछ लोगों को अंदरूनी चोटें भी आई हैं।
भाजपा नेता और सामाजिक संगठनों ने की मदद
हादसे के दौरान बिजौलिया की ओर से गुजर रहे भाजपा जिला महामंत्री अशोक सोनी विक्रम ने सड़क पर भीड़ देखकर वाहन रोका। जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश जैन भाया सहित कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
निजी डॉक्टरों ने भी संभाला मोर्चा
घायलों की संख्या अधिक होने की जानकारी मिलते ही निजी चिकित्सक डॉ. अर्जुन धाकड़ और डॉ. रईस खान अपने स्टाफ के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपचार कार्य में सहयोग किया। स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों और राहत दल की तत्परता की सराहना की।
लापरवाही पर उठे सवाल
तिलस्वां घाट हादसे के बाद एक बार फिर निजी बसों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस रूट पर कई बसें क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर तेज गति में चलाई जाती हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि घाट क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल और बसों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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