उज्जैन (Ujjain News): उज्जैन में ताजा अपडेट के तहत करोड़ों रुपए की कृषि भूमि के सौदे में बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। माधवनगर थाना पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचकर 36 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक व्यक्ति को असली जमीन मालिक बताकर पेश किया और नकली पहचान के आधार पर जमीन का सौदा तय कराया।
पुलिस के मुताबिक फरियादी रविंद्र सिंह और उनके भतीजे कुलदीप सिंह को आरोपी मंगल सिंह ने ग्राम सलामता स्थित कृषि भूमि दिखाई थी। आरोपियों ने जमीन का सौदा 1 करोड़ 39 लाख 19 हजार 200 रुपए में तय कराया था।
फर्जी पहचान बनाकर कराया जमीन का सौदा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रजिस्ट्री कार्यालय में भेरूसिंह को दिलीप सिंह बनाकर पेश किया। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए उसकी पहचान असली भूमि स्वामी के रूप में साबित करने की कोशिश की। फरियादियों को विश्वास में लेने के लिए दस्तावेज भी दिखाए गए। पुलिस के अनुसार इसी आधार पर पीड़ितों ने आरोपियों को अलग-अलग माध्यमों से रकम दी।
ऑनलाइन ट्रांसफर, नकद और चेक से ली रकम
पुलिस के मुताबिक पीड़ितों ने सबसे पहले ऑनलाइन माध्यम से 95 हजार रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद 10 लाख रुपए नकद दिए गए। वहीं 25 लाख रुपए का चेक भी आरोपियों को सौंपा गया, जिसकी राशि आरोपियों ने निकाल ली। इस तरह कुल करीब 36 लाख रुपए आरोपियों के कब्जे में पहुंच गए।
ऐसे खुली पूरे मामले की पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब खरीदार जमीन देखने पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात वास्तविक भूमि स्वामी से हुई। असली मालिक ने किसी भी प्रकार का अनुबंध करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ितों को धोखाधड़ी की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद माधवनगर थाना पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस ने जब्त किए फर्जी दस्तावेज
पुलिस जांच के दौरान आरोपी मंगल सिंह निवासी रलायती और भैरूसिंह निवासी खेड़ा चितावलिया को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में यह सामने आया कि खुद को दिलीप सिंह बताने वाला व्यक्ति वास्तव में भैरूसिंह था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- तीन मोबाइल फोन
- भूमि अनुबंध से जुड़े दस्तावेज
- अलग-अलग नामों से बने आधार कार्ड
- पैन कार्ड की प्रतियां
- ई-श्रम कार्ड की प्रतियां
- अन्य कूटरचित दस्तावेज
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की गई है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
माधवनगर थाना पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस के अनुसार बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। जांच के बाद मामले में अन्य खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जमीन खरीदते समय बरतें सावधानी
भूमि विशेषज्ञों के अनुसार जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन कराना जरूरी होता है। खरीदारों को जमीन मालिक की पहचान, राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच संबंधित विभागों से करानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी राशि का भुगतान करने से पहले कानूनी सत्यापन नहीं करने पर इस तरह की धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है।
नोट: मामले की जांच जारी है। पुलिस की ओर से आगे की जांच और पूछताछ के बाद अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।
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