Ujjain Van Mela 2026: 12 फरवरी से सजेगा दशहरा मैदान, 5 दिनों तक मिलेगी शुद्ध जड़ी-बूटियां; ऐसे करें स्टॉल बुकिंग
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
28 जनवरी 2026, (अपडेटेड 28 जनवरी 2026, 12:12 अपराह्न IST)

उज्जैन। मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी उज्जैन एक बार फिर प्रकृति और स्वास्थ्य के अनूठे संगम की साक्षी बनने जा रही है। बाबा महाकाल की नगरी में आगामी 12 फरवरी से Ujjain Van Mela 2026 का भव्य आगाज होने जा रहा है। यह पांच दिवसीय आयोजन न केवल जड़ी-बूटियों के प्रेमियों के लिए एक गंतव्य होगा, बल्कि ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का एक सशक्त मंच भी बनेगा।

जिला वनमंडल अधिकारी श्री अनुराग तिवारी ने इस आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि Ujjain Van Mela 2026 का आयोजन 12 से 16 फरवरी तक सेठी नगर स्थित दशहरा मैदान में किया जाएगा। इस मेले का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को शुद्ध वनोपज और आयुर्वेदिक उत्पादों से रूबरू कराना है।

स्टॉल बुकिंग की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथि

Ujjain Van Mela 2026 में सहभागिता करने के इच्छुक विक्रेताओं और संस्थाओं के लिए विभाग ने सख्त समय-सीमा तय की है। यदि आप भी इस मेले में अपना स्टॉल लगाना चाहते हैं, तो ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 04 फरवरी 2026, शाम 06 बजे तक निर्धारित की गई है।

अकाष्ठीय वनोपज (Non-Timber Forest Produce) और हर्बल उत्पादों के विक्रय के लिए स्टॉल आरक्षण की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल रखा गया है। इच्छुक आवेदनकर्ता विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों www.mfpfederation.org और www.mpforest.gov.in/ पर जाकर गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। 

शुद्धता और सेहत का खजाना

Ujjain Van Mela 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ मिलने वाले प्रामाणिक उत्पाद हैं। मध्य प्रदेश के सघन वनों से एकत्रित की गई जड़ी-बूटियां, शुद्ध शहद, त्रिफला चूर्ण, आंवला कैंडी, अश्वगंधा और विभिन्न प्रकार के वन तेल इस मेले का मुख्य आकर्षण होंगे। विभाग का प्रयास है कि बिचौलियों को हटाकर सीधे वनवासियों और स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को ग्राहकों तक पहुँचाया जाए। इससे न केवल ग्राहकों को उचित मूल्य पर शुद्ध सामग्री मिलती है, बल्कि वनोपज संग्राहकों को भी उनके श्रम का सही दाम मिलता है।

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दशहरा मैदान में तैयारियाँ तेज

उज्जैन का दशहरा मैदान इस 5 दिवसीय उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है। Ujjain Van Mela 2026 में स्टॉल्स के साथ-साथ आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के परामर्श सत्र भी आयोजित किए जाने की संभावना है, जहाँ लोग अपनी सेहत से जुड़ी समस्याओं का प्राकृतिक समाधान जान सकेंगे। सेठी नगर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मेले के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, विभिन्न जिलों से आने वाले वन समितियों के सदस्यों के रुकने और उनके उत्पादों के प्रदर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।

क्यों खास है यह वन मेला?

पिछले कुछ वर्षों में लोगों का रुझान आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवन शैली की ओर तेजी से बढ़ा है। ऐसे में Ujjain Van Mela 2026 जैसे आयोजन शहरी आबादी को वनों के महत्व से जोड़ते हैं। यहाँ न केवल दवाइयाँ, बल्कि दैनिक उपयोग के हर्बल कॉस्मेटिक्स, मसाले और सजावटी वस्तुएँ भी उपलब्ध होंगी।

यदि आप शुद्धता के पारखी हैं और रसायनों से दूर प्राकृतिक उत्पादों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहते हैं, तो 12 फरवरी से शुरू होने वाले इस  Ujjain Van Mela 2026 में आपकी उपस्थिति अनिवार्य है। याद रहे, विक्रेताओं के लिए समय कम है—4 फरवरी तक आवेदन कर अपनी जगह सुरक्षित करें।

उज्जैन जिला प्रशासन और वन विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले का हिस्सा बनें और मध्य प्रदेश की इस अमूल्य वन संपदा का लाभ उठाएं।


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Aakash Sharma
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