नीमच (The Times of MP)। शहर की सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए नीमच पुलिस अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है। Underage Driving के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस विशेष अभियान ने उन अभिभावकों की नींद उड़ा दी है जो अपने कम उम्र के बच्चों के हाथों में बेखौफ होकर गाड़ियां थमा देते हैं।
एसपी अंकित जायसवाल के कड़े निर्देश, सड़कों पर उतरी टीम
जिले के नवागत और सख्त पुलिस कप्तान श्री अंकित जायसवाल के निर्देशानुसार, नीमच पुलिस इन दिनों विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक श्री किरण चौहान के मार्गदर्शन में यातायात थाना प्रभारी सोनू बड़गुर्जर ने अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला।
दिनांक 25 दिसंबर 2025 को शहर के हृदय स्थल ‘चोपड़ा चौराहा’ पर पुलिस ने सघन नाकाबंदी की। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र Underage Driving को रोकना था। जैसे ही पुलिस की टीम सड़कों पर उतरी, बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट के फर्राटा भर रहे नाबालिगों में हड़कंप मच गया।
15 नाबालिगों के कटे चालान, अभिभावकों को थाने बुलाया
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 15 ऐसे नाबालिग चालकों को पकड़ा जिनकी उम्र वाहन चलाने के लिए निर्धारित मानक से कम थी। पुलिस ने केवल चालान काटकर औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि इन बच्चों के माता-पिता को मौके पर बुलवाया। Underage Driving के इस गंभीर मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में यदि दोबारा ये बच्चे सड़कों पर दिखे, तो वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ-साथ अभिभावकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यातायात प्रभारी सोनू बड़गुर्जर ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“हमारा उद्देश्य जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि मासूमों की जान बचाना है। Underage Driving न केवल बच्चों के लिए बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है।”
माता-पिता की लापरवाही पड़ सकती है भारी
अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता अपने काम के बोझ को कम करने या बच्चों की जिद के आगे झुककर उन्हें मोटरसाइकिल या स्कूटी दे देते हैं। लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने एक कड़ा संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। यातायात पुलिस ने अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों को वाहन न दें, क्योंकि नाबालिग बच्चों में न तो मानसिक परिपक्वता होती है और न ही वे आपातकालीन स्थिति में वाहन को नियंत्रित करने की समझ रखते हैं।
कानूनी रूप से भी अब Underage Driving पर नियम कड़े कर दिए गए हैं। यदि कोई नाबालिग दुर्घटना करता है, तो उसके माता-पिता को इसका जिम्मेदार माना जाएगा और उन्हें जेल तक की सजा हो सकती है।
यातायात नियमों का पालन है अनिवार्य
पुलिस के इस विशेष अभियान के दौरान केवल Underage Driving ही नहीं, बल्कि अन्य यातायात नियमों पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि:
दोपहिया वाहन चालक अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें।
चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग करें।
वाहन के सभी दस्तावेज जैसे बीमा, प्रदूषण सर्टिफिकेट और लाइसेंस साथ रखें।
सड़कों पर स्टंट करने या तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
नीमच यातायात पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और भी तेज होगा। शहर के विभिन्न चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल यूनिट्स के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
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