चित्तौड़गढ़। राजस्थान के श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था ने इस बार नया इतिहास रच दिया। श्री सांवलिया सेठ मंदिर में महज 29 दिनों के भीतर 41.67 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड चढ़ावा दर्ज किया गया है, जिसने पुराने सभी आंकड़े पीछे छोड़ दिए हैं।
श्री सांवलिया सेठ मंदिर में रिकॉर्ड स्तर पर दान
मंदिर प्रशासन के मुताबिक 18 मार्च से 16 अप्रैल के बीच श्री सांवलिया सेठ मंदिर में कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए का चढ़ावा प्राप्त हुआ। भंडार खोले जाने के बाद सात चरणों में गिनती पूरी की गई, जिसमें केवल भंडार से ही 33.21 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।
इसके अलावा भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यमों से 8.45 करोड़ रुपए का दान मिला, जिससे कुल राशि ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई।
सोना-चांदी की भारी भेंट भी शामिल
इस बार श्री सांवलिया सेठ मंदिर में नकद के साथ-साथ बड़ी मात्रा में कीमती धातुएं भी चढ़ाई गईं। अंतिम गणना में करीब 660 ग्राम सोना और 84 किलो से ज्यादा चांदी का तौल हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार इनकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए के आसपास आंकी गई है।
हर दिन बढ़ता गया चढ़ावे का आंकड़ा

दान की गिनती के दौरान अलग-अलग चरणों में बड़ी रकम सामने आई—
- पहले दिन: 11.11 करोड़ रुपए
- दूसरे राउंड: 6.51 करोड़ रुपए
- तीसरे चरण: 9.60 करोड़ रुपए
- चौथे चरण: 3.78 करोड़ रुपए
- इसके बाद की गिनती में भी लाखों-करोड़ों की राशि लगातार जुड़ती रही
यह स्पष्ट करता है कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और आस्था दोनों लगातार बढ़ रही हैं।
पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा
इससे पहले अप्रैल 2025 में करीब 25 करोड़ रुपए का मासिक रिकॉर्ड बना था, लेकिन इस बार श्री सांवलिया सेठ मंदिर ने उस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया।
हालांकि नवंबर 2025 में 51 करोड़ रुपए का चढ़ावा आया था, लेकिन वह दो महीनों का संयुक्त रिकॉर्ड था। मौजूदा रिकॉर्ड केवल 29 दिनों का है, जो इसे और खास बनाता है।
मंदिर में नई व्यवस्थाएं लागू
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री सांवलिया सेठ मंदिर प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब मंदिर में 56 भोग और मोरपंख चढ़ाने की परंपरा पर रोक लगा दी गई है।
इस फैसले का उद्देश्य व्यवस्थाओं को सरल बनाना और भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
विदेशी मुद्रा और चेक भी पहुंचे
इस बार श्री सांवलिया सेठ मंदिर में विदेशी मुद्रा और चेक के रूप में भी दान प्राप्त हुआ है। इनकी गणना अलग प्रक्रिया से की जा रही है, जिससे कुल आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ
श्री सांवलिया सेठ मंदिर जैसे बड़े धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ से स्थानीय व्यापार, होटल और परिवहन क्षेत्र को सीधा फायदा मिलता है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।





















