चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh Crime News)|राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में चल रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अफीम तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। सदर थाना पुलिस ने एक आई-20 कार से करीब 10 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सख्त निगरानी
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक के निर्देशन में ऑपरेशन त्रिनेत्र लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और भंडारण पर रोक लगाना है।
इस मामले में कार्रवाई एएसपी सरिता सिंह, डीएसपी ब्रजेश सिंह और थाना प्रभारी प्रेम सिंह के सुपरविजन में की गई। पुलिस की टीम को विशेष रूप से ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।
हाईवे पर नाकाबंदी, संदिग्ध कार पकड़ी
बुधवार को पुलिस टीम हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान उदयपुर-नीमच रोड की ओर से आ रही एक आई-20 कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत बैरिकेड लगाकर कार को रोका। चालक और उसके साथी के व्यवहार में संदेह होने पर वाहन की गहन तलाशी ली गई। यह पूरी कार्रवाई भी ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत ही की गई।
कार में बनाई गई थी गुप्त स्कीम
तलाशी के दौरान पुलिस को कार के अंदर एक विशेष रूप से तैयार किया गया छिपा हुआ स्थान मिला। इसी जगह पर 9 प्लास्टिक थैलियां रखी गई थीं।
जांच करने पर इन थैलियों में कुल 9 किलो 999 ग्राम अफीम बरामद हुई। इस तरह यह मामला ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अब तक की अहम कार्रवाई में शामिल हो गया है।
मंदसौर के दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
- नरेन्द्र कुमार (55 वर्ष) – निवासी पीपलियापंथ, जिला मंदसौर
- राजू पोरवाल (52 वर्ष) – निवासी महावीरगंज, पीपलिया मंडी, मंदसौर
दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले हैं और पुलिस को शक है कि ये लंबे समय से तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इस मामले में भी कार्रवाई ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई।
वाहन जब्त, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने अफीम के साथ-साथ आई-20 कार को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रेम सिंह, एसआई अमृत लाल, हेड कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह, कांस्टेबल डूंगर सिंह, भजन लाल, दीपक कुमार, पृथ्वीपाल सिंह, विजय और कुलदीप की अहम भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
तस्करों पर बढ़ता शिकंजा
राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी के लिए संवेदनशील मानी जाती है। लेकिन अब ऑपरेशन त्रिनेत्र के चलते तस्करों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
इस तरह की कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है और मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
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