नीमच। नीमच जिले के मनासा थाना क्षेत्र से सामने आया एक सनसनीखेज अपहरण केस इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम बर्डिया निवासी एक परिवार ने गांव के कुछ दबंगों पर युवक का अपहरण कर बेरहमी से मारपीट करने, नकदी और जेवर लूटने तथा पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पीड़ित परिवार बुधवार को नीमच एसपी कार्यालय पहुंचा और सुरक्षा के साथ न्याय की मांग की।
पीड़ित प्रहलाद बाछड़ा ने बताया कि उनका परिवार पिछले कई दिनों से लगातार दबाव और धमकियों का सामना कर रहा है। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए डरा रहा है। इसी वजह से अब उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
बरथुन फंटे से युवक को जबरन ले जाने का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, 29 अप्रैल को उनका बेटा अमन बाछड़ा बरथुन फंटे के पास मौजूद था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उसे जबरन अपने साथ ले गए। परिवार का आरोप है कि दुर्गेश, गोलू, लखन और दिलीप नामक आरोपियों ने अमन को सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।
परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने युवक को डंडों और लात-घूंसों से पीटा। मारपीट के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। यह पूरा मामला अब इलाके में बड़े अपहरण केस के रूप में देखा जा रहा है।
आईफोन, जेवर और नकदी लूटने का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने अमन के पास रखा आईफोन, सोने-चांदी के जेवर और करीब 20 हजार रुपए नकद भी छीन लिए। परिवार का कहना है कि युवक को काफी देर तक बंधक बनाकर रखा गया और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया।
परिवार के मुताबिक, आरोपियों का मकसद केवल डराना नहीं था, बल्कि पूरे परिवार पर दबाव बनाना था ताकि वे भविष्य में उनके खिलाफ आवाज न उठा सकें। इस अपहरण केस में लूट और धमकी की धाराएं भी जुड़ सकती हैं।
मुर्गे की बलि देकर समाज से बहिष्कार करने का आरोप
मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप समाज से बहिष्कार का है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर मुर्गे की बलि देकर उन्हें समाज से बाहर करने की रस्म की और उसका वीडियो भी बनाया। बाद में यह वीडियो कुछ लोगों के बीच वायरल किया गया।
परिवार का दावा है कि इस घटना के बाद गांव में उन्हें सामाजिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। कई लोग दबाव के कारण उनके परिवार से दूरी बना रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि इस तरह की हरकतों से उनका पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।
समझौते के नाम पर 2 लाख रुपए लेने का आरोप
प्रहलाद बाछड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष पहले ही समझौते के नाम पर उनसे करीब 2 लाख रुपए ले चुका है। इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ और अब लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
परिवार का कहना है कि आरोपी शेरू, आशु और अन्य लोग बार-बार उन्हें डराने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि यदि वे पुलिस शिकायत वापस नहीं लेते तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।
झूठे केस में फंसाने की साजिश की आशंका
पीड़ित परिवार ने एसपी को दिए आवेदन में यह भी कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाने की तैयारी की जा रही है। परिवार का आरोप है कि एक महिला के जरिए उन पर फर्जी मामला दर्ज कराने का दबाव बनाया जा सकता है ताकि वे पीछे हट जाएं।
परिवार ने मुख्य आरोपी शेरू को आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताते हुए कहा कि गांव में उसका डर बना हुआ है। इसी कारण कई लोग खुलकर उनके समर्थन में सामने नहीं आ रहे हैं।
एसपी कार्यालय पहुंचकर मांगी सुरक्षा
पूरा मामला सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने नीमच एसपी से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। अब इस अपहरण केस में जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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