मनासा। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत मनासा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 21 दिन से लापता नाबालिग बालिका को पुलिस ने सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरी कार्रवाई में साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी कर अहम भूमिका निभाई।
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा गुमशुदा और लापता बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान ऑपरेशन मुस्कान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नीमचराजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी मनासा निरीक्षक नीलेश अवस्थी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी बालिका
जानकारी के अनुसार 23 अप्रैल 2026 को पिपलियारावजी निवासी एक व्यक्ति ने थाना मनासा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी वर्षा (परिवर्तित नाम) बाजार जाने का कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। बालिका के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने तत्काल अपहरण का मामला दर्ज करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित स्थानों पर लगातार तलाश करती रहीं।
साइबर तकनीक से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग बालिका आरोपी के साथ तेलंगाना के खम्खम क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही मनासा पुलिस और नीमच साइबर सेल की टीम सक्रिय हुई और संयुक्त रूप से दबिश दी गई।
हालांकि पुलिस टीम के पहुंचने से पहले आरोपी नाबालिग को लेकर वहां से निकल चुका था। इसके बाद पुलिस ने लगातार पीछा जारी रखा। कई घंटों की निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने मल्हारगढ़ क्षेत्र से आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी विजय पिता बालूराम नायक निवासी उचेड को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने की योजना पहले से बनाई थी या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में साइबर तकनीक और फील्ड नेटवर्क की मदद से तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश अवस्थी, सउनि दिलीप कुमार, आरक्षक दशरथ जाटव, साइबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे और पूरी साइबर टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टीम ने लगातार कई दिनों तक तकनीकी इनपुट पर काम किया, जिसके बाद यह सफलता मिली।
परिवार को मिली राहत
करीब तीन सप्ताह से बेटी की तलाश में परेशान परिवार ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद कम होती जा रही थी, लेकिन ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस की सक्रिय कार्रवाई से उनकी बेटी सुरक्षित वापस लौट आई।
जिला पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे या किसी लापता बच्चे की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। समय पर दी गई जानकारी कई परिवारों के लिए राहत बन सकती है।
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