नीमच । नीमच जिले में सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को मनासा और जावद क्षेत्र में संचालित विस्फोटक भंडारण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित गोदाम संचालकों में हलचल देखी गई। प्रशासन का कहना है कि “विस्फोटक गोदाम निरीक्षण” अभियान के तहत सुरक्षा मानकों और लाइसेंस नियमों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में एसडीएम मनासा किरण आंजना, तहसीलदार मुकेश निगम, नायब तहसीलदार रूपसिंह राजपूत और संबंधित क्षेत्र के पटवारी मौजूद रहे।
उचेड़ में गोदाम मिला खाली
प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले उचेड़ स्थित जय माता दी इंटरप्राइजेस के गोदाम का निरीक्षण किया। “विस्फोटक गोदाम निरीक्षण” के दौरान यह गोदाम पूरी तरह खाली पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की, लेकिन किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री संग्रहित नहीं मिली।
निरीक्षण टीम ने संचालकों को निर्देश दिए कि भविष्य में यदि विस्फोटक सामग्री संग्रहित की जाती है तो निर्धारित सुरक्षा नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
सांडिया के गोदाम में मिली भारी मात्रा में सामग्री
इसके बाद प्रशासनिक टीम सांडिया गांव स्थित श्री अनिल मूंदड़ा एंड कंपनी के विस्फोटक भंडारण केंद्र पहुंची। यहां हुए “विस्फोटक गोदाम निरीक्षण” में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पाई गई। अधिकारियों के अनुसार गोदाम में 25 एमएम जिलेटिन रॉड 456.625 किलोग्राम, डेटोनेटिंग फ्यूज 18,375 मीटर, ई-डेट 248 नग और डीटीएच/टीएलडी 978 नग मौजूद थे।
हालांकि राहत की बात यह रही कि गोदाम में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था पाई गई। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा घेरा, स्टोरेज व्यवस्था और निगरानी प्रणाली संतोषजनक मिली। अधिकारियों ने कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों का पालन लगातार बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
जावद में भी चला निरीक्षण अभियान
इधर जावद क्षेत्र में भी प्रशासन ने “विस्फोटक गोदाम निरीक्षण” अभियान चलाया। एसडीएम प्रीती संघवी ने अधिकारियों के साथ क्षेत्र के विस्फोटक और पटाखा गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा इंतजाम, लाइसेंस दस्तावेज और भंडारण क्षमता की जांच की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालकों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन लगातार रख रहा नजर
जिला प्रशासन का कहना है कि “विस्फोटक गोदाम निरीक्षण” अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक जिले में संचालित सभी लाइसेंसी गोदामों की समय-समय पर जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उपयोग में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। यदि किसी भी गोदाम में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नीमच जिले में लगातार हो रहे “विस्फोटक गोदाम निरीक्षण” से साफ है कि प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
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