मंदसौर (Mandsaur News)। मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब नई आबादी स्थित पोस्ट ऑफिस में कनाडा भेजे जाने वाले एक इंटरनेशनल पार्सल से संदिग्ध सामग्री मिलने की आशंका सामने आई। इस पूरे मामले ने शहर में सनसनी फैला दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि चॉकलेट पार्सल में संदिग्ध पदार्थ छिपाकर विदेश भेजने की कोशिश की जा रही थी। सूचना मिलते ही सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक जांच कार्रवाई चलती रही।
सूत्रों के अनुसार पार्सल के अंदर चॉकलेट की पन्नियों में किसी मादक पदार्थ को पैक किया गया था। हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि बरामद पदार्थ अफीम हो सकता है। फिलहाल जब्त सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
युवक की गतिविधियों से हुआ शक


जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम करीब 4 बजे एक युवक नई आबादी पोस्ट ऑफिस पहुंचा। उसने कनाडा भेजने के लिए लगभग 2 किलो वजन का इंटरनेशनल पार्सल बुक कराने की बात कही। पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों ने सामान्य प्रक्रिया के तहत उससे पार्सल में रखे सामान की जानकारी मांगी।
युवक ने बताया कि पार्सल में चॉकलेट और उससे जुड़े आइटम हैं। लेकिन बातचीत के दौरान उसका व्यवहार कर्मचारियों को संदिग्ध लगा। पोस्टल असिस्टेंट प्रदीप मेहरा ने जब उससे ज्यादा जानकारी पूछी तो वह अचानक घबराने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने कुछ देर बाद पार्सल वहीं छोड़ दिया और बिना कुछ बताए मौके से भाग निकला। युवक के इस व्यवहार के बाद कर्मचारियों को शक हुआ कि कहीं चॉकलेट पार्सल में संदिग्ध पदार्थ तो नहीं रखा गया है।
तुरंत CBN को दी सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों ने तुरंत नारकोटिक्स विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही CBN की टीम पोस्ट ऑफिस पहुंची और जांच शुरू की।
अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक पार्सल की गहन जांच की। जांच के दौरान चॉकलेट की पन्नियों के अंदर संदिग्ध पदार्थ पैक मिला। अधिकारियों ने पूरे पार्सल को जब्त कर लिया और जांच के लिए अपने साथ ले गए। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर किस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
नीमच से कनाडा भेजा जाना था पार्सल
पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों के अनुसार यह पार्सल नीमच से कनाडा भेजा जाना था। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि पार्सल में चॉकलेट्स के साथ संदिग्ध सामग्री को बेहद चालाकी से छिपाया गया था।
जांच एजेंसियों को शक है कि तस्करों ने इस बार मादक पदार्थों की तस्करी के लिए चॉकलेट रैपर का इस्तेमाल किया ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। पिछले कुछ वर्षों में ड्रग तस्करी के मामलों में लगातार नए तरीके सामने आते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पार्सलों के जरिए तस्करी की कोशिशें बढ़ रही हैं और ऐसे मामलों में पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों की सतर्कता बेहद अहम हो जाती है।
CCTV फुटेज के आधार पर तलाश
मामले में पोस्ट ऑफिस परिसर का एक CCTV फोटो भी सामने आया है, जिसमें संदिग्ध युवक दिखाई दे रहा है। अब जांच एजेंसियां CCTV फुटेज के आधार पर युवक की पहचान और तलाश में जुट गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी ताकि युवक की गतिविधियों और उसके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
इस पूरे मामले में चॉकलेट पार्सल में संदिग्ध पदार्थ मिलने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
अधिकारियों ने नहीं दी आधिकारिक जानकारी
CBN अधिकारियों ने फिलहाल मामले में किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जब्त पदार्थ की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। संभावना है कि जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से प्रेस नोट जारी किया जाएगा। वहीं स्थानीय पुलिस और नारकोटिक्स विभाग मिलकर इस पूरे नेटवर्क की जांच कर सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों की सतर्कता आई काम
इस मामले में पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों की सतर्कता बड़ी भूमिका में सामने आई। यदि युवक की गतिविधियों पर समय रहते शक नहीं होता तो संभव था कि पार्सल विदेश पहुंच जाता।
पोस्टल असिस्टेंट प्रदीप मेहरा ने बताया कि युवक पूछताछ के दौरान असहज दिखाई दे रहा था। जब उससे अधिक जानकारी मांगी गई तो वह पार्सल छोड़कर चला गया। इसके बाद नारकोटिक्स विभाग को सूचना दी गई। फिलहाल चॉकलेट पार्सल में संदिग्ध पदार्थ मामले की जांच जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
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