जीरन (नीमच)। पूरे जीरन कस्बे की आंखें उस वक्त नम हो गईं जब CRPF जवान संजय पाटीदार की अंतिम यात्रा तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर के साथ निकली। सीआरपीएफ नीमच में पदस्थ 35 वर्षीय संजय पाटीदार के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। गुरुवार सुबह पूरे सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
सुबह लोहिया नगर स्थित निवास से CRPF जवान संजय पाटीदार की अंतिम यात्रा शुरू हुई। जैसे ही पार्थिव शरीर गणपति मंदिर चौराहे पर पहुंचा, हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। “भारत माता की जय” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, संजय तेरा नाम रहेगा” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। तिरंगे में लिपटे जवान को देखकर हर आंख नम नजर आई।
मुक्तिधाम में सीआरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अधिकारी रामरस मीणा के नेतृत्व में पहुंचे सैन्य दल ने अंतिम सलामी दी और पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया।
सबसे दर्दनाक पल तब आया जब संजय पाटीदार के मासूम बेटे वैदिक ने परिवारजनों के साथ मुखाग्नि दी। पिता प्रेमनारायण पाटीदार, छोटे भाई कपिल और अन्य परिजन इस दौरान मौजूद रहे।
CRPF जवान संजय पाटीदार अपने शांत स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाते थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरा जीरन क्षेत्र सदमे में है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि देकर नम आंखों से याद कर रहे हैं।
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