नीमच। नीमच जिले में किसान आईडी अभियान को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने साफ शब्दों में कहा कि किसान आईडी बनाने के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर मौजूद रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले का प्रत्येक पटवारी प्रतिदिन कम से कम 10 किसानों की किसान आईडी बनाए। साथ ही तहसीलदार और एसडीएम को रोजाना इसकी निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कहा कि किसान आईडी भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से सीधे जोड़ने का बड़ा माध्यम बनेगी। इसलिए सभी अधिकारी गांव स्तर तक विशेष अभियान चलाकर किसानों को जागरूक करें और अधिक से अधिक किसान आईडी बनवाना सुनिश्चित करें।
बैठक में राजस्व प्रकरणों की भी तहसीलवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों को लेकर नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि 15 जून से पहले सभी लंबित सीमांकन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। इसके अलावा बंटवारे से जुड़े मामलों को भी तय समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सभी तहसीलदारों को अपने क्षेत्र के 20 बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर कलेक्ट्रेट भेजने और जल्द वसूली सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने एडीएम और एसडीएम को हर महीने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तीन माह से अधिक कोई भी राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब जिले में किसान आईडी अभियान और राजस्व मामलों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






