नीमच। नीमच में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया, जब रामअवतार कॉलोनी निवासी मधु राजपूत अपने विकलांग पति के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन को आवेदन सौंपते हुए कहा कि जिस मकान में वे वर्षों से रह रही हैं, अब उसी से उन्हें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। वृद्ध महिला की न्याय गुहार सुनकर वहां मौजूद कई लोग भी भावुक हो गए।
भरोसे का कथित रूप से हुआ गलत फायदा
महिला ने आरोप लगाया कि ग्राम धनेरिया कला स्थित मकान उनके पिता ने वर्ष 2001 में खरीदा था। पिता के निधन के बाद कुछ समय के लिए वे कानपुर चली गई थीं। इसी दौरान मकान की देखरेख के लिए एक परिचित को चाबी सौंपी गई थी। महिला का कहना है कि उसी भरोसे का गलत फायदा उठाते हुए मकान में रखा दहेज का सामान, सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामग्री कथित रूप से गायब कर दी गई। इतना ही नहीं, विवादित मकान को भी किसी अन्य व्यक्ति के नाम बेचने का आरोप लगाया गया है।
हाईकोर्ट में मामला, फिर भी सौदे का आरोप
मधु राजपूत ने बताया कि संपत्ति विवाद का मामला पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद बिना न्यायालय की अनुमति के मकान का सौदा किए जाने की जानकारी सामने आई। महिला ने कहा कि वे अपने विकलांग पति के साथ उसी मकान में रह रही हैं और घर-घर काम कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। यदि मकान उनसे छिन गया तो परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रशासन से लगाई निष्पक्ष जांच की मांग
वृद्ध महिला की न्याय गुहार में यह भी उल्लेख किया गया कि शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की में उनके पति घायल भी हो गए। महिला ने प्रशासन से मांग की है कि हाईकोर्ट में लंबित मामले का फैसला आने तक उन्हें मकान से बेदखल न किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
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