नीमच: उज्जैन जोन के आईजी राकेश गुप्ता गुरुवार को पहली बार नीमच पहुंचे। पदभार संभालने के बाद उनके इस दौरे में जिले की कानून व्यवस्था, नारकोटिक्स अपराधों और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजी राकेश गुप्ता ने साफ कहा कि जिले में ड्रग तस्करी और अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्रग कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
नीमच पुलिस अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में डीआईजी निमिष अग्रवाल, एसपी राजेश व्यास, एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में लंबित अपराधों, त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क हादसों की रोकथाम जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कानून व्यवस्था की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
आईजी राकेश गुप्ता ने अधिकारियों के साथ जिले की मौजूदा कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के मामलों में फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
बैठक में आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता रखने और नियमित गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। आईजी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं बल्कि अपराधों की रोकथाम और जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत करना भी है।
नारकोटिक्स अपराधों पर रहेगा फोकस
आईजी राकेश गुप्ता ने कहा कि नीमच की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए नारकोटिक्स अपराध पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। जो आरोपी लगातार इस अवैध कारोबार में शामिल पाए जाएंगे, उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामलों में सूचनाएं एकत्रित करने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए।
ड्रग तस्करों की संपत्ति होगी फ्रीज
आईजी राकेश गुप्ता ने बैठक में कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच कर उन्हें चिन्हित किया जाएगा। जांच के आधार पर ऐसी संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बड़े तस्करों और ड्रग माफिया के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) जैसे कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का फोकस केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि अवैध नेटवर्क की आर्थिक व्यवस्था को भी कमजोर करने पर रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक नारकोटिक्स मामलों में भविष्य में विशेष अभियान भी चलाए जा सकते हैं।
सड़क हादसों को लेकर शुरू होगा अभियान
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। आईजी राकेश गुप्ता ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नया अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को फर्स्ट-एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि हादसे के तुरंत बाद घायल लोगों को शुरुआती सहायता मिल सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सड़क हादसों में शुरुआती मदद मिलने से कई मामलों में गंभीर स्थिति को संभाला जा सकता है। इसी उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई जा रही है।
पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर
आईजी राकेश गुप्ता ने बैठक के दौरान थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और नशे के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में यह भी कहा गया कि जिले में पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम किया जाएगा ताकि कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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