नीमच। मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को नीमच में मादक पदार्थों का नष्टीकरण शुरू किया गया। इस कार्रवाई में करीब 240 करोड़ रुपये की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत वाले 110 टन जब्त मादक पदार्थों को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया नीमच स्थित विक्रम सीमेंट, खोर परिसर में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार गठित समिति की निगरानी में संपन्न हो रही है। यह उज्जैन रेंज में अब तक की सबसे बड़ी नष्टीकरण कार्रवाइयों में शामिल मानी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से थानों के मालखानों में रखी प्रतिबंधित सामग्री का सुरक्षित एवं विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
1040 मामलों की जब्त सामग्री हो रही नष्ट
पुलिस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस अभियान में 1040 अलग-अलग प्रकरणों में जब्त की गई सामग्री का नष्टीकरण किया जा रहा है। यह जब्त सामग्री उज्जैन रेंज के अंतर्गत आने वाले रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों के विभिन्न पुलिस थानों से संबंधित है।
इन सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सुरक्षित तरीके से मादक पदार्थों का निस्तारण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इनकी कुल अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 240 करोड़ रुपये आंकी गई है।
किन-किन मादक पदार्थों का हो रहा नष्टीकरण
समिति के अनुसार लगभग 110 टन प्रतिबंधित मादक पदार्थों को नष्ट किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- डोडाचूरा
- अफीम
- ब्राउन शुगर
- एमडी
- गांजा
- चरस
- अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ
पुलिस का कहना है कि सभी सामग्री का नष्टीकरण निर्धारित कानूनी और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार चल रही कार्रवाई
मादक पदार्थों का नष्टीकरण केंद्रीय गृह मंत्रालय के अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उज्जैन रेंज राकेश गुप्ता के मार्गदर्शन में यह पूरी कार्रवाई संचालित की जा रही है।
नष्टीकरण समिति के अध्यक्ष डीआईजी निमिष अग्रवाल हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद मीणा और पुलिस अधीक्षक नीमच राजेश व्यास समिति के सदस्य के रूप में मौजूद हैं। पूरी प्रक्रिया समिति की निगरानी में पारदर्शी ढंग से पूरी की जा रही है।
नष्टीकरण से पहले हुआ सत्यापन
डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई शुरू करने से पहले सभी जब्त मादक पदार्थों का संबंधित राजपत्रित अधिकारियों द्वारा सत्यापन कराया गया। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, ताकि नष्टीकरण की प्रत्येक कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।
मालखानों में वर्षों से रखी सामग्री का होगा सुरक्षित निस्तारण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में जब्त मादक पदार्थ वर्षों से पुलिस थानों के मालखानों में सुरक्षित रखे गए थे। अब उनके निस्तारण से न केवल मालखानों में स्थान उपलब्ध होगा बल्कि प्रतिबंधित सामग्री के चोरी, गबन अथवा दुरुपयोग जैसी संभावनाओं को भी समाप्त किया जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से जब्त सामग्री का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित होगा और कानून व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।
दो दिन में पूरी होगी प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार अभियान के पहले चरण में शुक्रवार को रतलाम और नीमच जिलों से जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया है। इसके बाद शनिवार को मंदसौर जिले की जब्त सामग्री का नष्टीकरण किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से संपन्न की जा रही है।
नशे के विरुद्ध अभियान को मिलेगी मजबूती
पुलिस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के विरुद्ध चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित और पारदर्शी निस्तारण करना, मालखानों में लंबित सामग्री को विधिसम्मत तरीके से समाप्त करना तथा कानून के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना है।
प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार इसी प्रकार की नष्टीकरण कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
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