नीमच। नीमच जिले में रतनगढ़ पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। हॉस्पिटल असिस्टेंट भर्ती परीक्षा देने जा रहे एक परीक्षार्थी की बस छूट जाने के बाद जब परीक्षा में शामिल होना मुश्किल लगने लगा, तब रतनगढ़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया। पुलिस की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।
मुरैना निवासी रौनक कुशवाहा हॉस्पिटल असिस्टेंट भर्ती परीक्षा देने के लिए ग्राम नेवड़ स्थित एस.आर. कॉलेज जा रहे थे। उनकी यात्रा कोटा से सिंगोली होते हुए रतनगढ़ तक पहुंची, लेकिन इसी दौरान नीमच जाने वाली बस छूट गई। परीक्षा शुरू होने का समय नजदीक था, जिससे वे काफी तनाव में आ गए।
बस छूटने के बाद डायल-112 से मांगी मदद
परीक्षा का समय तेजी से नजदीक आता देख रौनक कुशवाहा ने रतनगढ़ थाना क्षेत्र की डायल-112 (एफआरवी-08) से सहायता मांगी। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक मनीष पाटीदार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस टीम ने बिना किसी देरी के सरकारी वाहन से रौनक कुशवाहा को ग्राम नेवड़ स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। पुलिस की तत्परता के कारण परीक्षार्थी निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गया और भर्ती परीक्षा में शामिल हो सका। यदि समय पर सहायता नहीं मिलती, तो उसकी परीक्षा छूट सकती थी।
छात्र ने जताया आभार
परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद रौनक कुशवाहा ने राहत की सांस ली और रतनगढ़ पुलिस तथा नीमच जिला पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस टीम द्वारा समय पर की गई मदद को अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण वे परीक्षा में शामिल हो सके।
लोगों ने की पुलिस की संवेदनशीलता की सराहना
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी रतनगढ़ पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों की सहायता के लिए भी तत्पर रहती है।
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