रतलाम, बुधवार। रतलाम के यूको बैंक ठगी मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने बैंक ग्राहकों को भी हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार शहर के लक्कड़पीठा स्थित यूको बैंक की शाखा में कार्यरत एक आउटसोर्स कर्मचारी पर करीब 40 ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़कर 85 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच में बैंक के पूर्व मैनेजर की कथित भूमिका भी सामने आने के बाद पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक यह मामला सामने आने के बाद लगातार नए आवेदन मिल रहे हैं और प्रत्येक शिकायत की अलग-अलग जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर मामले में अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
शिकायत से खुली पूरी परत

माणकचौक थाना पुलिस के अनुसार पूरे मामले की शुरुआत 30 जून को दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता दिनेश बंजारा ने बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी राहुल राठौर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कर्मचारी ने ग्राहकों की एफडी बिना जानकारी के तोड़कर संबंधित राशि अपने खाते में जमा कर ली। इसके बाद रकम अन्य परिचितों के खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की तो प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद अन्य लोग भी सामने आए और उन्होंने भी इसी प्रकार की शिकायतें दर्ज कराईं।
मोबाइल एप के जरिए एफडी तोड़ने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से मोबाइल बैंकिंग एप का उपयोग कर ग्राहकों की एफडी तोड़ देता था। इसके बाद राशि पहले अपने खाते में और फिर अन्य परिचितों के खातों में भेजी जाती थी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि पूरे लेनदेन की बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में किसकी क्या भूमिका रही।
14 मई की घटना के बाद हुआ संदेह
शिकायतकर्ता दिनेश बंजारा ने पुलिस को बताया कि 14 मई को वह यूको बैंक की लक्कड़पीठा शाखा में नया खाता खुलवाने पहुंचे थे। वहां मौजूद राहुल राठौर ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताते हुए उनसे 72,500 रुपये जमा कराए और बैंक की सील लगी रसीद भी दी।
कुछ दिन बाद पासबुक मिलने पर जब वह खाते से राशि निकालने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि खाते में केवल ढाई हजार रुपये ही जमा हैं। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
40 ग्राहकों के सामने आने का दावा
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान एक-एक कर कई लोग सामने आए। अब तक करीब 40 ग्राहकों की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि इन ग्राहकों की एफडी 20 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की थी। आरोप है कि इन्हें तोड़कर कुल 85 लाख रुपये से अधिक की राशि कथित रूप से हड़प ली गई।
जांच एजेंसियां अब सभी बैंक खातों और लेनदेन का मिलान कर रही हैं ताकि पूरे मामले की सटीक वित्तीय श्रृंखला स्पष्ट हो सके।
पूर्व बैंक मैनेजर भी गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार जांच में यूको बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक त्रिलोक झा की कथित भूमिका भी सामने आई। वह वर्तमान में गुजरात के वडोदरा में पदस्थ बताए गए हैं। मामले में पुलिस ने आउटसोर्स कर्मचारी राहुल राठौर, पूर्व मैनेजर त्रिलोक झा, आरोपी के जीजा मुकेश राठौर सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राहुल राठौर को पुलिस ने रिमांड पर लिया है, जबकि अन्य छह आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
परिचितों के खातों में भेजी गई रकम
माणकचौक थाना पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित रूप से ठगी की रकम पहले अपने बैंक खाते में जमा की और बाद में अपने जीजा सहित अन्य परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी।पुलिस का दावा है कि जिन लोगों के खातों में राशि भेजी गई, उन्हें कुछ आर्थिक लाभ का लालच भी दिया गया था। हालांकि इस संबंध में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है।
पुलिस क्या कह रही है?
थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान के अनुसार मामले में लगातार नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। सभी शिकायतों की जांच की जा रही है। बैंक खातों, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का परीक्षण जारी है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किन लोगों को किया गया गिरफ्तार?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं—
- राहुल राठौर (आउटसोर्स कर्मचारी)
- त्रिलोक झा (पूर्व बैंक मैनेजर)
- मुकेश राठौर
- रवि कुमावत
- दिनेश
- अरुण जैन
- जितेंद्र कुमावत
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