विदिशा | मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक 27 वर्षीय युवक की मौत का मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सिविल लाइन थाने के बाहर कथित रूप से जहर खाने वाले युवक की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद सामने आए एक कथित ऑडियो में युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक दबाव, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी और जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अभी तक किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस परिजनों के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार बैसरिया निवासी आकाश प्रजापति (27) को 7 जुलाई को उसकी पत्नी आसमा (30) की शिकायत पर सिविल लाइन थाने बुलाया गया था। शिकायत भरण-पोषण राशि नहीं मिलने से संबंधित थी। थाने में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। बातचीत समाप्त होने के बाद आकाश थाना परिसर से बाहर निकला और कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। वहां मौजूद लोगों ने उसकी तबीयत बिगड़ती देख उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां दो दिन तक इलाज चला। 9 जुलाई को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद यह मामला केवल आत्महत्या के प्रयास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवक के कथित ऑडियो के सामने आने के बाद कई गंभीर आरोप चर्चा का विषय बन गए।
सामने आया कथित ऑडियो

मृतक का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। पुलिस ने अभी तक इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऑडियो में युवक कहता सुनाई देता है कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि
उसकी पत्नी सुबह उसके घर पहुंची और परिवार के सदस्यों पर झूठा दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकी दी।
ऑडियो में युवक यह भी दावा करता है कि
उससे 10 लाख रुपये और मकान अपने नाम करने की मांग की जा रही थी। उसने यह भी कहा कि उसकी एक्टिवा भी ले जाई गई थी, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से उसने विरोध नहीं किया।
‘मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा’
कथित ऑडियो में युवक कई बार अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र करता है। वह कहता है कि वह लगातार तनाव में है और उसकी शिकायत नहीं सुनी जा रही। ऑडियो में वह यह भी कहता है कि वह पहले भी कई बार थाने जा चुका है, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। उसने पुलिस पर भी उसकी शिकायतों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया।
बातचीत के दौरान युवक यह भी दावा करता है कि उस पर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही उसने आरोप लगाया कि मांगें पूरी नहीं होने पर झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही थी।
पिता ने क्या कहा?

मृतक के पिता जगदीश प्रजापति ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से उनका बेटा लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था। उन्होंने दावा किया कि बहू लगातार पैसों की मांग करती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई कि ट्रक और मकान तक बेचना पड़ा। पिता का कहना है कि उनका बेटा लंबे समय से दबाव में था। पुलिस ने उनके बयान भी दर्ज कर लिए हैं।
पुलिस का आधिकारिक बयान
सिविल लाइन थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने बताया कि पुलिस को अभी तक कथित कॉल रिकॉर्डिंग आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस निम्न बिंदुओं पर जांच कर रही है—
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
- कथित ऑडियो की सत्यता
- मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड
- दोनों पक्षों के बयान
- घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य
- अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण
थाना प्रभारी के अनुसार जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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