मंदसौर, रविवार। शहर के अनुयोग हॉस्पिटल के संचालक डॉ. योगेंद्र कोठारी से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप है कि अस्पताल के एक पूर्व कर्मचारी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को जान से मारने की धमकी दी और उनसे 5 लाख रुपये की मांग की। मामले के सामने आने के बाद शहर में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत में क्या कहा गया?
डॉ. योगेंद्र कोठारी ने सिटी कोतवाली थाने में दिए आवेदन में बताया कि ग्राम रलायता निवासी लोकेश पिता दशरथ भांभी पहले उनके अनुयोग हॉस्पिटल में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। शिकायत के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहने और अनुचित व्यवहार के कारण उसे अस्पताल से नौकरी से हटा दिया गया था।
डॉ. कोठारी ने आवेदन में यह भी बताया कि नौकरी से हटाए जाने के बाद भी आरोपी पिछले छह महीनों के दौरान दो बार अस्पताल आया और दोबारा नौकरी पर रखने की मांग करता रहा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
अस्पताल में हुई नोकझोंक
शिकायत के अनुसार, हाल ही में आरोपी एक बार फिर अस्पताल पहुंचा। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से डॉ. योगेंद्र कोठारी को जान से मारने की धमकी दी। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने डॉक्टर से 5 लाख रुपये की मांग की। इस घटना के बाद डॉ. कोठारी ने पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्रसिंह राठौर ने बताया कि चिकित्सक की ओर से प्राप्त आवेदन के आधार पर आरोपी लोकेश भांभी के खिलाफ धमकाने एवं अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल का पूर्व कर्मचारी बताया गया आरोपी
शिकायत के अनुसार, आरोपी पहले अनुयोग हॉस्पिटल में कार्यरत था। नौकरी से हटाए जाने के बाद वह दोबारा अस्पताल में नौकरी मांगने पहुंचा था। शिकायत में कहा गया है कि इसी सिलसिले में हुई बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनी और कथित तौर पर धमकी तथा रुपये मांगने की घटना हुई।
हालांकि, मामले में आरोपी का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के दौरान दोनों पक्षों से पूछताछ कर उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करेगी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में अभी तक किसी न्यायालय द्वारा आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाएगा।
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