नीमच, 23 जुलाई 2026। ई-रिक्शा की मांग लेकर जनसुनवाई में पहुंचे एक दिव्यांग युवक को महज दो दिन के भीतर स्वरोजगार का साधन मिल गया। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर ग्राम डांगाड़ी, तहसील मनासा निवासी पंकज चौहान को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से अब उन्हें रोजगार का नया माध्यम मिलने के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है।
21 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पंकज चौहान ने स्वरोजगार के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी उपसंचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सुश्री श्रुति भयडिया को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द से जल्द वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अल्ट्राटेक सीमेंट के सहयोग से उपलब्ध कराया गया ई-रिक्शा
कलेक्टर के निर्देशों के पालन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। अल्ट्राटेक सीमेंट, खोर के सहयोग से ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई और 23 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राही को वाहन सौंपा गया। इस अवसर पर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं डिप्टी कलेक्टर एवं उपसंचालक सुश्री श्रुति भयडिया ने पंकज चौहान को ई-रिक्शा की चाबी सौंपते हुए उन्हें स्वरोजगार के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रशासन के अनुसार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
अब अपने पैरों पर खड़े होने का मिलेगा अवसर
ई-रिक्शा मिलने के बाद पंकज चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें रोजगार के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे स्वयं ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे और सम्मानपूर्वक जीवनयापन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने इस सहयोग के लिए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा सहयोग करने वाली संस्था और सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था का उदाहरण
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। इस मामले में आवेदन प्राप्त होने के बाद बहुत कम समय में कार्रवाई कर ई-रिक्शा उपलब्ध कराया जाना जनसुनवाई व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाता है। इससे जरूरतमंद दिव्यांग हितग्राहियों को सरकारी सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
वितरण में इनका रहा सहयोग
ई-रिक्शा वितरण के दौरान जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, नीमच के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट भूरालाल अहीर, कार्यालय सहायक प्रकाश सैनी, फिजियोथेरेपी सहायक विकास अंखिया, चौकीदार सत्यराम रावत सहित अन्य कर्मचारियों ने सहयोग किया। प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






