जावद/नीमच। जावद की युवा कलाकार अंजलि चौहान ने अपनी अद्वितीय मेहंदी कला के दम पर एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया है। उन्होंने केवल मेहंदी का उपयोग कर भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की 5×5 फीट की भव्य पेंटिंग तैयार की। इस विशेष कलाकृति का अनावरण नीमच स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस उपलब्धि से जावद, नीमच जिले और पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, अंजलि चौहान ने पारंपरिक मेहंदी कला को एक नया आयाम देते हुए भगवान जगन्नाथ परिवार की विशाल पेंटिंग तैयार की। आमतौर पर मेहंदी का उपयोग हाथों पर डिजाइन बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन केवल मेहंदी से इतनी बड़ी धार्मिक कलाकृति तैयार करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। अपनी लगन, धैर्य और कला के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने इस कठिन कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।
कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार हुई अनूठी कलाकृति

अंजलि चौहान ने बताया कि इस पेंटिंग को तैयार करने में कई दिनों तक लगातार मेहनत करनी पड़ी। पेंटिंग के प्रत्येक हिस्से में बारीकी से काम किया गया ताकि भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की दिव्य छवि प्रभावशाली रूप में उभरकर सामने आए। उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा में भगवान जगन्नाथ की कृपा, परिवार का सहयोग और कला के प्रति समर्पण उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे। उन्होंने अपनी इस सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना, बल्कि इसे जावद, नीमच जिले और पूरे मध्य प्रदेश के सम्मान से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों को समर्पित किया। उनका कहना है कि यदि किसी कार्य को पूरी निष्ठा और धैर्य के साथ किया जाए तो बड़ी से बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है।
नीमच इस्कॉन मंदिर में हुआ भव्य अनावरण

नीमच स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भगवान जगन्नाथ की इस विशेष मेहंदी पेंटिंग का विधिवत अनावरण किया गया। समारोह में मंदिर के पदाधिकारी, संतगण, श्रद्धालु, कला प्रेमी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने अंजलि चौहान की कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए इस उपलब्धि को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक कला का गौरव बताया।
अनावरण के दौरान श्रद्धालुओं ने पेंटिंग का अवलोकन किया और मेहंदी से तैयार इतनी विशाल धार्मिक कलाकृति को देखकर कलाकार की मेहनत और रचनात्मक सोच की प्रशंसा की। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा।
परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर
अंजलि चौहान, जावद निवासी रमेश चंद्र चौहान की पुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे नगर में खुशी का वातावरण है। सामाजिक संगठनों, कला प्रेमियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की उपलब्धियां क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का काम करती हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जावद जैसे छोटे शहर से निकलकर विश्व रिकॉर्ड बनाना अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। इससे क्षेत्र की कला और प्रतिभा को नई पहचान मिलेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी अंजलि चौहान
अंजलि चौहान की यह उपलब्धि युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि किसी व्यक्ति में प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प हो तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। मेहंदी जैसी पारंपरिक कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का उनका प्रयास भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को भी नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
कला प्रेमियों का कहना है कि ऐसी उपलब्धियां न केवल कलाकार का सम्मान बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को भी प्रोत्साहित करती हैं। अंजलि चौहान की सफलता आने वाली पीढ़ी को यह संदेश देती है कि अपनी प्रतिभा पर विश्वास और निरंतर अभ्यास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।
इस उपलब्धि के बाद जावद और नीमच जिले के लोगों में गर्व का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि अंजलि चौहान भविष्य में भी अपनी कला के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छुएंगी और देश-प्रदेश का नाम रोशन करती रहेंगी।
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