नीमच। शहर की राजस्व कॉलोनी में मकान से नकदी और जेवर चोरी के मामले में नीमच कैंट पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार राजस्व कॉलोनी चोरी की जांच में घटनास्थल और आसपास लगे करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और साइबर सेल नीमच की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर करीब ₹5 लाख कीमत के सोने के आभूषण जब्त किए गए हैं। मामले में दो अन्य आरोपियों को फरार बताया गया है, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान नीमच शहर में पहले हुई चोरी की दो अन्य घटनाओं को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन मामलों में चोरी गए सामान की बरामदगी की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
सुबह 4 बजे खुली मिली अलमारी, बिखरा था सामान
नीमच कैंट पुलिस के अनुसार 19 जुलाई 2026 को प्रमिला चौहान ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वे बंगला नंबर 13, राजस्व कॉलोनी नीमच में रहती हैं। घटना की रात परिवार खाना खाने के बाद सो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक सुबह करीब 4 बजे उनकी बेटी महक उठी तो उसने पास वाले कमरे की अलमारी का दरवाजा खुला देखा। कमरे और अलमारी का सामान बिखरा हुआ था। इसके बाद उसने परिवार को इसकी जानकारी दी।
पुलिस को दी गई शिकायत में करीब ₹20 हजार नकद, सोने की 4 अंगूठियां, सोने के 40 मोती, सोने के कान के ईयररिंग, एक सोने का मंगलसूत्र, चांदी की 6 अंगूठियां, एक चांदी का ब्रेसलेट, एक चांदी की बिछिया और एक पुराना कैमरा नहीं मिलने की जानकारी दी गई थी। पुलिस के अनुसार शिकायत में बताया गया कि रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच घर की खिड़की में लगी ग्रिल खोलकर अंदर प्रवेश किया गया और सामान चोरी किया गया। मामले में थाना नीमच कैंट पर अपराध क्रमांक 375/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 305(ए) और 331(4) के तहत विवेचना शुरू की गई।
100 CCTV कैमरों की फुटेज बनी जांच का अहम हिस्सा
राजस्व कॉलोनी चोरी की जांच में नीमच कैंट पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज देखी। पुलिस के मुताबिक फुटेज के आधार पर संदिग्धों के आने-जाने वाले संभावित रास्तों का पता लगाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही संदिग्धों की पहचान के लिए मुखबिर लगाए गए और साइबर सेल नीमच की सहायता से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी जानकारी और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने मामले में राजा पिता ज्ञानसिंह पारदी, उम्र 34 वर्ष, निवासी बंगला नंबर 59, दुर्गा ऑयल के पीछे नीमच; सोनी पिता ज्ञानसिंह पारदी, उम्र 38 वर्ष, निवासी बंगला नंबर 59, शांति नगर नीमच और गजेन्द्र पिता बिरजू पारदी, उम्र 50 वर्ष, निवासी नीलगंगा, चूनचून बाबा की दरगाह क्षेत्र, जिला उज्जैन को गिरफ्तार किया है।
निशानदेही पर करीब ₹5 लाख के सोने के आभूषण जब्त
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात करने और चोरी का सामान आपस में बांटने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर राजस्व कॉलोनी चोरी से जुड़े सोने के 2 मंगलसूत्र पेंडल, सोने के 18 मोती, सोने की 3 अंगूठियां और सोने का एक ताबीज जब्त करने की जानकारी दी है। जब्त किए गए सोने के सामान की अनुमानित कीमत पुलिस ने करीब ₹5 लाख बताई है।
पुलिस के मुताबिक चोरी का शेष सामान अन्य आरोपियों के कब्जे में होने की जानकारी सामने आई है। मामले में कार्तिक पिता गजेन्द्र पारदी, निवासी नीलगंगा, जिला उज्जैन और सूरज पिता बब्बा पारदी, निवासी सीताराम का डेरा, मुरादपुरा, जिला गुना को फरार बताया गया है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है और शेष सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
दो पुरानी चोरियों को लेकर भी जांच आगे बढ़ी
पुलिस के अनुसार अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार राजा और सोनी से पूछताछ में दो अन्य चोरी के मामलों को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि फरवरी 2026 में गायत्री मंदिर रोड स्थित हेमू कॉलोनी में बर्फ फैक्ट्री के पास एक स्पोर्ट्स की दुकान में चोरी की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस मामले में अपराध क्रमांक 102/2026 दर्ज किया गया था। इसमें 2 बैट, 2 क्रिकेट पैड, स्टेच कंपनी के 25 जोड़ी जूते और ₹1,500 नकद चोरी होने की जानकारी है।
इसके अलावा पुलिस ने 1 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे बंगला नंबर 41, केनरा बैंक के पास वाली गली में स्थित मकान से नकदी चोरी के मामले का भी उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार इस घटना में अलमारी में रखे ₹30 हजार नकद चोरी हुए थे। इसे लेकर अपराध क्रमांक 371/2026 दर्ज किया गया था।
पुलिस का कहना है कि इन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी निशानदेही से चोरी की सामग्री की बरामदगी की कार्रवाई की जानी है।
दिन में स्थान देखते, फिर साथियों को बुलाने का पुलिस का दावा
नीमच कैंट पुलिस ने जांच के आधार पर वारदात के कथित तरीके की जानकारी भी दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी दिन के समय शहर में घूमकर संभावित स्थान देखते थे और विशेष रूप से सूने मकानों को निशाना बनाया जाता था। पुलिस का दावा है कि स्थान का चयन करने के बाद अन्य साथियों को नीमच बुलाया जाता था। वारदात के समय CCTV कैमरों से पहचान छिपाने के लिए शर्ट या बनियान उतारकर उससे चेहरा ढकने और सुनसान गलियों के रास्ते आने-जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
कैंट पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीमच राजेश व्यास के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल और नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी नीमच कैंट निरीक्षक सौरभ शर्मा के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक सुनील नागदा, प्रधान आरक्षक मनोज भाटी, आरक्षक मधुसूदन बैरागी, राहुल सोलंकी और सोनेन्द्र राठौर का महत्वपूर्ण योगदान बताया गया है। साइबर सेल नीमच से प्रधान आरक्षक प्रदीप शिंदे, आरक्षक लाखनसिंह और कुलदीप सिंह भी कार्रवाई में शामिल रहे।
फिलहाल राजस्व कॉलोनी चोरी मामले की विवेचना जारी है। पुलिस फरार बताए गए दो आरोपियों की तलाश के साथ शेष चोरी के सामान की बरामदगी का प्रयास कर रही है।
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