सिंगोली नगर निकाय की सफाई व्यवस्था ध्वस्त: स्वच्छता के दावे कागज़ों तक, ज़मीन पर गंदगी का साम्राज्य
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
29 जुलाई 2026, (अपडेटेड 29 जुलाई 2026, 5:25 अपराह्न IST)

-राजेश कोठारी
सिंगोली (नीमच)।
नगर को स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल लाने के लिए नगर निकाय के जनप्रतिनिधि और अधिकारी जितने मुखर हैं, ज़मीनी हकीकत उतनी ही विपरीत है। सिंगोली नगर निकाय की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा चुकी है। शहर के हर वार्ड में टूटी-फूटी नालियाँ, उनमें सड़ती गंदगी और कीचड़ के अंबार आम नागरिकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को दूभर बना रहे हैं। वहीं लंबे अरसे से मच्छर रोधी दवा छिड़काव बंद होने के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।


फोटो सेशन तक सिमटा स्वच्छता अभियान

नगर निकाय के जनप्रतिनिधि और अधिकारी समय-समय पर चुनिंदा स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर वाहवाही लूटते हैं। लेकिन यह अभियान उन्हीं चुनिंदा चौराहों और मार्गों तक सीमित रहता है जहाँ कैमरे की नज़र पड़ती है।

असलियत यह है कि जहाँ कैमरा नहीं जाता, वहाँ सफाई भी नहीं पहुँचती। शहर के अधिकांश वार्डों में सफाईकर्मियों की नियमित उपस्थिति नगण्य है और नगर निकाय स्वच्छता अभियान केवल कागज़ों और सोशल मीडिया पोस्ट तक सिमटकर रह गया है।


हर वार्ड में टूटी नालियाँ, सड़ती गंदगी

नालियों की बदहाल स्थिति

शहर के लगभग हर वार्ड में नालियों की हालत अत्यंत जर्जर है। इन नालियों में महीनों से जमा कीचड़, सड़ा हुआ कचरा और गंदा पानी न केवल दुर्गंध फैला रहा है, बल्कि आसपास रहने वाले नागरिकों के लिए स्वास्थ्य संकट भी बन गया है। हालात इतने बुरे हैं कि नालियों के पास खड़ा रहना भी कठिन हो गया है।

सिंगोली नगर निकाय

बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। वर्षा का पानी नालियों में जमी गंदगी को बहाकर वार्डों की मुख्य सड़कों पर ले आता है, जिससे:

  • मुख्य मार्ग जलभराव और कीचड़ से पट जाते हैं
  • दुर्गंध और बदबू का वातावरण बन जाता है
  • आवागमन में भारी असुविधा होती है
  • नागरिकों को गंदे पानी से होकर गुज़रना पड़ता है

मच्छर रोधी छिड़काव बंद — डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का खतरा

सिंगोली में डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। नगर निकाय द्वारा मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव लंबे अरसे से नहीं किया गया है। गंदे पानी और कीचड़ भरी नालियों में मच्छरों के लार्वा तेज़ी से पनप रहे हैं।

सिंगोली नगर निकाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ठहरे हुए गंदे पानी में एडीज़ और एनोफिलीज़ मच्छरों का प्रजनन होता है, जो क्रमशः डेंगू/चिकनगुनिया और मलेरिया के वाहक हैं। जुलाई-अगस्त का मानसून काल इन बीमारियों के लिए सबसे संवेदनशील समय माना जाता है। ऐसे में मच्छर रोधी दवा छिड़काव की अनुपस्थिति नागरिकों के लिए गंभीर जोखिम है।


वार्षिक स्वच्छता कर वसूली, सुविधा शून्य

नागरिकों में आक्रोश

सिंगोली नगर निकाय प्रतिवर्ष नागरिकों से स्वच्छता कर (Sanitation Tax) के रूप में भारी-भरकम राशि वसूल करती है। लेकिन इसके बदले में नागरिकों को जो मिल रहा है वह है — टूटी नालियाँ, गंदगी के अंबार और मच्छरों का प्रकोप।

नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इन समस्याओं से अवगत कराया है। शिकायतें दर्ज की हैं। लेकिन न कोई कार्रवाई हुई, न कोई सुनवाई। जिम्मेदार अधिकारी या तो टालमटोल करते हैं या शिकायतों को नज़रअंदाज़ करते हैं।


मुख्य चौराहे और सड़कें भी अछूते नहीं

स्थिति केवल गलियों और वार्डों तक सीमित नहीं है। शहर के मुख्य चौराहों और सड़कों के किनारे भी कचरे के ढेर लगे रहते हैं। यह नज़ारा नगर निकाय स्वच्छता अभियान विफल होने की खुली गवाही देता है।

सिंगोली नगर निकाय

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिस उद्देश्य से स्वच्छता कर वसूला जाता है और स्वच्छता रैंकिंग में नाम दर्ज कराने की कोशिश की जाती है, ज़मीन पर उसका कोई प्रभाव नहीं दिखता।


जवाबदेही कब तय होगी?

सिंगोली के नागरिकों के मन में एक ही सवाल है — आखिर कब तक? कब तक वे सड़ी नालियों के बीच रहेंगे? कब तक बीमारियों का डर सहेंगे? और कब तक बिना सुविधा के स्वच्छता कर चुकाते रहेंगे?

निकाय प्रशासन को चाहिए कि वह:

  • तत्काल सभी वार्डों में नालियों की सफाई सुनिश्चित करे
  • नियमित मच्छर रोधी दवा छिड़काव शुरू करे
  • नागरिकों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई का तंत्र विकसित करे
  • स्वच्छता कर के उपयोग का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक करे

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

CBN इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव निलंबित, 10 सितंबर की CBI कार्रवाई के बाद विभागीय आदेश

नीमच/ग्वालियर। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव...

ताइक्वांडो में नीमच का दमदार प्रदर्शन, छह स्वर्ण पदक जीते

नीमच। 70वीं शालेय खेलकूद प्रतियोगिता के तहत आयोजित उज्जैन...

विजय केडिया के दांव वाले इस शेयर ने 1 लाख को बनाया 2.15 करोड़

बिज़नेस डेस्क  | विजय केडिया की निवेश इकाई के...

Related Articles

Popular Categories