नीमच। लंबित महंगाई राहत समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को पेंशनरों ने नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। संयुक्त विभाग पेंशनर संघ के नेतृत्व में पेंशनरों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों का जल्द समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
2 प्रतिशत महंगाई राहत अब भी लंबित
नीमच पेंशनर प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने सबसे प्रमुख मांग 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई राहत को लेकर रखी। पेंशनरों ने बताया कि इस संबंध में आदेश अब तक जारी नहीं हुए हैं। पेंशनरों ने सरकार से केंद्रीय तिथि के अनुसार महंगाई राहत तत्काल जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच राहत राशि में देरी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पेंशनरों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए जल्द आदेश जारी करने की मांग की।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन
संयुक्त विभाग पेंशनर संघ के नेतृत्व में पेंशनरों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इसमें महंगाई राहत के अलावा पेंशनरों की प्रशासनिक, स्वास्थ्य और कम्यूटेशन से संबंधित मांगें भी शामिल हैं।
ज्ञापन में पेंशनरों ने चार प्रमुख मांगें रखीं—
- 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश तत्काल जारी किए जाएं।
- प्रदेश के संभागीय एवं जिला पेंशन कार्यालयों को यथावत रखा जाए।
- पेंशनरों के लिए बिना प्रीमियम कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए।
- कम्यूटेशन की वसूली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 माह की जाए।
पेंशनरों ने सरकार से इन सभी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग
नीमच पेंशनर प्रदर्शन में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी मांग भी प्रमुख रही। पेंशनरों ने बिना प्रीमियम कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग रखी। पेंशनरों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में उन्होंने सरकार से पेंशनरों के लिए बिना प्रीमियम कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग की है।
पेंशन कार्यालयों को यथावत रखने की मांग
ज्ञापन में प्रदेश के संभागीय एवं जिला पेंशन कार्यालयों को यथावत रखने की मांग भी की गई। पेंशनरों ने सरकार के सामने यह मांग रखते हुए मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की। संघ की ओर से चारों मांगों के शीघ्र निराकरण की अपेक्षा जताई गई है।
पेंशनरों ने कम्यूटेशन की वसूली अवधि को लेकर भी सरकार के सामने अपनी मांग रखी। संघ के अनुसार वर्तमान 15 वर्ष की वसूली अवधि को घटाकर 10 वर्ष 8 माह किया जाना चाहिए।यह मांग भी मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शामिल रही। पेंशनरों ने सरकार से इस पर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
संयुक्त विभाग पेंशनर संघ ने कहा कि यदि लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पेंशनर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। संघ ने सरकार से चारों मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। मंगलवार को हुए नीमच पेंशनर प्रदर्शन के बाद अब पेंशनरों की नजर सरकार की ओर से होने वाली आगामी कार्रवाई पर है। फिलहाल संघ ने अपनी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है।
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