भिंड | भिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र में करीब दो महीने पहले कुएं में मिली 6 साल की बच्ची की लाश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 6 साल की बच्ची की हत्या के आरोप में उसकी मां ज्योति और उसके प्रेमी रामशंकर शर्मा उर्फ पल्लू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों साथ रहना चाहते थे और बच्ची उनके रिश्ते की जानकारी परिवार को देने की बात कह रही थी।
पुलिस के अनुसार, इसी डर के चलते दोनों ने बच्ची की हत्या की योजना बनाई। 5 और 6 जून की दरमियानी रात बच्ची की हत्या कर उसका शव खेत में बने कुएं में फेंक दिया गया। इसके बाद दोनों आरोपी गुजरात चले गए। रविवार को पुलिस ने दोनों को ग्वालियर से गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
पति के दोस्त से शुरू हुई बातचीत, फिर बढ़ी नजदीकी
पुलिस के अनुसार, ज्योति की शादी करीब 8-9 साल पहले अटेर क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह से हुई थी। दंपती के दो बच्चे थे—8 साल का बेटा और 6 साल की बेटी सृष्टि। ज्योति का पति गुजरात के वडोदरा में पेंटिंग का काम करता था। भिंड के मेहरा गांव का रामशंकर शर्मा भी वडोदरा में पेंटिंग करता था। रामशंकर और ज्योति का पति साथ काम करते थे और उनके कमरे भी आसपास थे। ज्योति का पति घर पर बात करने के लिए रामशंकर के मोबाइल का इस्तेमाल करता था।
इसी दौरान ज्योति और रामशंकर के बीच भी बातचीत शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। ज्योति ने पुलिस को बताया कि उसका पति शराब पीता था और घर की जरूरतें ठीक से पूरी नहीं करता था। दूसरी ओर रामशंकर उसकी आर्थिक मदद करने लगा। बातचीत और मेलजोल बढ़ने के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया।
पति को पता चला तो बेटी को लेकर चली गई

पुलिस के मुताबिक, जब ज्योति के पति को दोनों के संबंधों की जानकारी हुई तो वह गुजरात से गांव लौट आया। अप्रैल में ज्योति पति को छोड़कर रामशंकर के साथ चली गई। उस समय वह अपनी 6 साल की बेटी को भी साथ ले गई। करीब 10 दिन तक दोनों साथ रहे। इसके बाद ज्योति के पिता को इसकी जानकारी हुई। उन्होंने बेटी को समझाया और वापस बुला लिया। परिवार ने ज्योति को उसके पति के पास भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, ज्योति का रामशंकर से संपर्क इसके बाद भी बना रहा। महिला ने पूछताछ में बताया कि उसे उम्मीद थी कि उसका पति अपनी आदतों में बदलाव करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
27 मई को फिर बेटी को लेकर निकली

पुलिस के मुताबिक, 27 मई को ज्योति और रामशंकर ने दोबारा घर से निकलने की योजना बनाई। ज्योति अपनी बेटी को लेकर रामशंकर के साथ चली गई। दोनों पहले जालौन में एक रिश्तेदार के यहां रुके और इसके बाद ग्वालियर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, दोनों करीब 5-6 दिन ग्वालियर में रहे। इस दौरान कुछ समय स्टेशन और मेला ग्राउंड में भी गुजारा।
पैसे खत्म होने के बाद रामशंकर ने अपना एंड्राइड मोबाइल करीब 3 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद दोनों सेवढ़ा की तरफ गए और फिर महिला के मायके के आसपास के इलाके में पहुंचे।
नाना-नानी को सच बताने की बात कह रही थी बच्ची
पुलिस के अनुसार, 5 जून की रात ज्योति, रामशंकर और बच्ची मेहरा गांव के खेत में बनी झोपड़ी में रुके थे। यहां बच्ची ने नाना-नानी के घर जाने की जिद की। पुलिस का कहना है कि बच्ची मां की बात मानने के लिए तैयार नहीं थी। उसने परिवार को पूरी बात बताने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, ज्योति को डर था कि बच्ची ने परिवार को उसके और रामशंकर के रिश्ते की जानकारी दे दी तो उसे दोबारा पति के पास भेज दिया जाएगा।
इसी स्थिति में दोनों ने बच्ची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
हाथ पकड़े, गला दबाया और कुएं में फेंक दिया शव
पुलिस पूछताछ में ज्योति ने कथित तौर पर बताया कि उसने बच्ची के दोनों हाथ पकड़ लिए थे और रामशंकर ने उसका गला दबाया। बच्ची की मौत के बाद दोनों ने शव को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। यह घटना 5 और 6 जून की दरमियानी रात की बताई गई है। 6 साल की बच्ची की हत्या के बाद दोनों वहां से निकल गए और गुजरात पहुंच गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों जामनगर में साथ रहने लगे। वहां रामशंकर ने पेंटिंग का काम शुरू कर दिया।
15 जून को कुएं में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 15 जून की सुबह मेहरा गांव के खेत में बने कुएं में बच्ची का शव पड़ा होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम कराया। शुरुआत में बच्ची की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई। बाद में नाना पक्ष के परिवार ने शव की पहचान 6 साल की सृष्टि के रूप में की।
बच्ची की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच में उसकी मां ज्योति के गायब होने की जानकारी मिली। रामशंकर के साथ उसके संपर्क की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ी।
ग्वालियर लौटे तो पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ज्योति और रामशंकर ग्वालियर आए हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पहले ग्वालियर में किसी व्यक्ति से उधार पैसे लिए थे और उसे चुकाने के लिए वापस आए थे।
सूचना मिलने के बाद लहार पुलिस ने दोनों की घेराबंदी की और उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान बच्ची की मौत को लेकर सवाल किए गए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में महिला ने हत्या से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी।
पुलिस को मिले रील और सोशल मीडिया वीडियो
जांच के दौरान पुलिस को ज्योति के सोशल मीडिया से जुड़े वीडियो भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, महिला को रील बनाने का शौक था और रामशंकर के साथ उसके वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य हत्या से पहले और बाद में दोनों की गतिविधियों की पुष्टि करना है।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा
लहार पुलिस ने ज्योति और रामशंकर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। दोनों को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। लहार थाना प्रभारी शिव सिंह यादव के अनुसार, बच्ची की मौत के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही थी। जांच के दौरान मां और उसके प्रेमी की भूमिका सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
थाना प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ में हत्या की वजह और घटनाक्रम सामने आया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस का दावा—प्रेमी के साथ रहने के लिए की हत्या
लहार थाना प्रभारी शिव सिंह यादव ने बताया कि पुलिस के अनुसार, मां ने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए छह साल की बेटी की हत्या की। पुलिस ने लगातार जांच और संदिग्धों की तलाश के बाद दोनों को गिरफ्तार किया। हालांकि, 6 साल की बच्ची की हत्या के मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं।
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