नीमच | प्राइवेट नौकरी छूटने के बाद आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे ESIC बीमित कर्मचारियों के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) अहम साबित हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र बीमित व्यक्ति को बेरोजगारी की स्थिति में अधिकतम 90 दिनों तक राहत भुगतान मिल सकता है। योजना की अवधि भी 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक बढ़ाई गई है।
नौकरी जाने के बाद सबसे बड़ी चिंता आमदनी रुकने की होती है। ऐसे समय में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से जुड़ी अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना बेरोजगारी के दौरान आर्थिक मदद का विकल्प देती है। पात्र बीमित व्यक्ति को योजना के तहत अधिकतम 90 दिनों तक औसत दैनिक कमाई के 50 प्रतिशत तक राहत भुगतान मिल सकता है।
इस योजना का लाभ हर कर्मचारी को अपने आप नहीं मिलता। इसके लिए ESIC से संबंधित कुछ पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है। इसलिए नौकरी जाने के बाद सबसे पहले अपनी पात्रता और योगदान रिकॉर्ड की जांच करना महत्वपूर्ण है।
2027 तक बढ़ाई गई योजना की अवधि
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को केंद्र सरकार की ओर से आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना की अवधि 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक बढ़ाई गई है। यह योजना ESI व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले बीमित कर्मचारियों को बेरोजगारी की स्थिति में राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है। योजना की शुरुआत 1 जुलाई 2018 को पायलट आधार पर की गई थी। बाद में इसमें कई बदलाव किए गए।
शुरुआत में इस योजना के तहत राहत भुगतान की दर कम थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक किया गया। यही वजह है कि नौकरी जाने की स्थिति में ESIC से जुड़े कर्मचारियों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण हो जाती है।
कितने दिन तक मिलती है राहत?
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत पात्र बीमित व्यक्ति को अधिकतम 90 दिनों यानी करीब तीन महीने तक बेरोजगारी राहत मिल सकती है। हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। योजना में मिलने वाली 50 प्रतिशत राहत को सीधे कर्मचारी की आखिरी महीने की सैलरी का 50 प्रतिशत नहीं माना जाना चाहिए। भुगतान की गणना योजना के निर्धारित नियमों और औसत दैनिक कमाई के आधार पर होती है।
यानी किसी कर्मचारी की अंतिम सैलरी कितनी थी, इसके आधार पर सीधे 50 प्रतिशत राशि तय होने की बात मानना सही नहीं होगा।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना का फायदा लेने के लिए कर्मचारी को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं—
- कर्मचारी ESIC के तहत बीमित होना चाहिए।
- नौकरी जाने से पहले कर्मचारी कम से कम 12 महीने लगातार बीमायोग्य रोजगार में रहा हो।
- संबंधित अवधि में कम से कम 78 दिनों का योगदान जमा होना चाहिए।
- बेरोजगारी की स्थिति योजना में निर्धारित शर्तों के अनुरूप होनी चाहिए।
- कदाचार, लॉकआउट या सेवानिवृत्ति जैसी परिस्थितियों में योजना का लाभ लागू नहीं होने की स्थिति हो सकती है।
इसलिए केवल नौकरी छूटने के आधार पर योजना का लाभ मिलना तय नहीं है। कर्मचारी को ESIC रिकॉर्ड और योजना की सभी लागू शर्तों के अनुसार पात्र होना जरूरी है।
क्लेम करने से पहले क्या करें?
नौकरी छूटने के बाद कर्मचारी को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उसका ESIC रिकॉर्ड अपडेट है या नहीं। इसके साथ ही योगदान अवधि और बीमित व्यक्ति से जुड़ी जानकारी की भी जांच करनी चाहिए। क्लेम प्रक्रिया के लिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार ESIC के कर्मचारी पोर्टल पर जाकर ABVKY से संबंधित पात्रता और क्लेम प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
क्लेम के लिए जरूरी जानकारी
कर्मचारी को सामान्य तौर पर ये जानकारी तैयार रखनी चाहिए—
- ESIC इंश्योरेंस नंबर
- मोबाइल नंबर
- आधार संबंधी जानकारी
- बैंक खाते की जानकारी
- नौकरी और बेरोजगारी से संबंधित आवश्यक विवरण
क्लेम की प्रक्रिया में कर्मचारी की पात्रता का सत्यापन किया जाता है। पात्रता पूरी होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
बैंक खाते में पहुंचता है पैसा
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत पात्र लाभार्थी को राहत राशि बैंक खाते में मिलने की व्यवस्था है। इसलिए क्लेम के दौरान बैंक खाते की जानकारी सही देना महत्वपूर्ण है।किसी भी तरह की जानकारी गलत होने पर भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आवेदन करने से पहले ESIC रिकॉर्ड में दर्ज व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी को जांच लेना बेहतर रहेगा।
एक कर्मचारी को कितनी बार मिलेगा लाभ?
योजना की उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह बेरोजगारी राहत जीवन में एक बार मिलने वाली सुविधा है और इसकी अधिकतम अवधि 90 दिन तक हो सकती है। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी को योजना का लाभ बार-बार लेने की सुविधा नहीं है। इसलिए पात्रता होने पर क्लेम करते समय योजना के नियमों को समझना जरूरी है।
आवेदन को लेकर जरूरी सावधानी
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना से संबंधित ऑनलाइन और पुराने दस्तावेजों में कुछ प्रक्रियात्मक अंतर देखने को मिल सकते हैं। इसलिए नौकरी छूटने के बाद क्लेम करने से पहले ESIC की वर्तमान व्यवस्था और लागू नियमों के अनुसार पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।
खास तौर पर राहत की गणना को लेकर यह समझना जरूरी है कि 50 प्रतिशत भुगतान का मतलब सीधे आखिरी सैलरी का आधा हिस्सा नहीं है। योजना में निर्धारित औसत दैनिक कमाई और अन्य लागू नियमों के आधार पर राहत की गणना की जाती है।
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