मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड: 6 महीने बाद सनसनीखेज खुलासा, पिता ने ही 5 लाख की सुपारी देकर बेटे को मरवाया

मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड
मंदसौर : मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड रिश्तों का कत्ल और साजिश की ऐसी खौफनाक दास्तां, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह गया। मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में 6 महीने पहले हुए चर्चित मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस अंधे कत्ल (Blind Murder) के पीछे कोई दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक का अपना पिता ही निकला। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पर्दाफाश किया कि कैसे एक पिता ने प्रॉपर्टी और लोक-लाज के डर से अपने ही खून का सौदा 5 लाख रुपये में कर दिया।
6 महीने से पुलिस के लिए चुनौती बना था यह ‘ब्लाइंड मर्डर’
मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड दिनांक 18 जुलाई 2025 को हिंगोरिया बड़ा निवासी श्यामलाल धाकड़ (45), जो कि भाजपा मंडल उपाध्यक्ष थे, की उनके ही घर में सोते समय बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनकी गर्दन, कान और सिर पर धारदार हथियारों से वार किए गए थे। चूंकि हत्या घर के अंदर हुई थी और कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, इसलिए यह पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। पुलिस को शुरुआती दौर में कोई सुराग नहीं मिला था, जिससे यह मामला पूरी तरह से एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ मिस्ट्री बन गया था।
पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री तेरसिंह बघेल और एसडीओपी श्रीमती कीर्ति बघेल के निर्देशन में नाहरगढ़ थाना प्रभारी निरी वरुण तिवारी ने इस केस को चुनौती के रूप में लिया और कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
कलयुगी पिता की साजिश: क्यों बनी हत्या की योजना?
मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड की विवेचना के दौरान पुलिस को मृतक श्यामलाल के व्यक्तिगत जीवन के बारे में कुछ चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक श्यामलाल का गांव की ही एक महिला के साथ संपर्क था। इस बात की भनक श्यामलाल के पिता दौलतराम धाकड़ को थी।
दौलतराम को डर सता रहा था कि उसका बेटा श्यामलाल अपनी रजिस्टर्ड जमीन और मकान उस महिला के नाम कर सकता है। इसके अलावा, समाज में हो रही बदनामी का डर भी पिता के दिल में घर कर गया था। इसी डर और गुस्से ने एक पिता को कातिल बना दिया। दौलतराम ने तय किया कि वह अपने बेटे को रास्ते से हटा देगा।
5 लाख रुपये में तय हुआ बेटे की मौत का सौदा
मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड साजिश को अंजाम देने के लिए दौलतराम ने अकेले काम नहीं किया। उसने अपने साथी गोपाल धाकड़ और पेशेवर अपराधियों रंगलाल बाछड़ा, सुमित बाछड़ा और अटलु बाछड़ा (निवासी रातीतलाई) से संपर्क किया। इन अपराधियों के साथ मिलकर दौलतराम ने अपने बेटे की हत्या की ‘सुपारी’ दी। सौदे की रकम 5 लाख रुपये तय की गई।
योजना के अनुसार, 17 जुलाई 2025 की मध्यरात्रि को आरोपी सुमित और अटलु अपनी मोटरसाइकिलों से राती तलाई से हिंगोरिया बड़ा पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ियां दौलतराम के घर से थोड़ी दूर एक गली में छिपा दीं। इसके बाद, जैसा कि दौलतराम ने समझाया था, हत्यारे घर के अंदर दाखिल हुए। सीढ़ियों के रास्ते वे सीधे छत पर बने उस कमरे में पहुंचे जहां श्यामलाल बेसुध सो रहा था।
खूनी मंजर: कुल्हाड़ी और चाकू से किया वार
कमरे में दाखिल होते ही आरोपियों ने श्यामलाल को संभलने का मौका नहीं दिया। सुमित, रंगलाल और अटलु ने कुल्हाड़ी और चाकू से श्यामलाल की गर्दन और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। भाजपा नेता की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस ने साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया। विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
दौलतराम धाकड़ पिता नाथुलाल धाकड़ (मृतक का पिता) – निवासी हिंगोरिया बड़ा
गोपाल धाकड़ पिता बद्रीलाल धाकड़ – निवासी हिंगोरिया बड़ा
रंगलाल पिता कन्हैयालाल बाछड़ा – निवासी रातीतलाई
सुमित पिता केशुराम बाछड़ा – निवासी रातीतलाई
अटलु पिता बगदीराम बाछड़ा – निवासी रातीतलाई
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस जटिल मंदसौर भाजपा नेता हत्याकांड का खुलासा करने में नाहरगढ़ थाना प्रभारी वरुण तिवारी के साथ-साथ उनकी पूरी टीम की भूमिका अहम रही। सराहनीय कार्य करने वालों में प्रआर अर्जुन सिंह, रमीज राजा, राकेश शर्मा, दिलावर सिंह, जीवन राठौर, आरक्षक कन्हैयालाल मीणा, महेन्द्र, विजयपाल सिंह, मनीष दास बैरागी, लाखन सिंह, ईश्वर गेहलोद, लियाकत मेव शामिल हैं। इसके अलावा साइबर सेल मंदसौर से उपनिरीक्षक रितेश नागर, प्रआर आशीष, आरक्षक मनीष बघेल और मुजफ्फर की तकनीकी सहायता ने आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की इस सफलता ने क्षेत्र में अपराधियों के बीच खौफ और आम जनता में कानून के प्रति विश्वास को फिर से बहाल किया है।
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