Udaipur Chittorgarh Highway Accident: कोहरे का कहर, कार का इंजन उखड़कर सडक पर गिरा, 2 की दर्दनाक मौत

Udaipur Chittorgarh Highway Accident
चित्तौड़गढ़/उदयपुर: सर्दी के मौसम में कोहरा और तेज रफ्तार का जानलेवा गठजोड़ एक बार फिर कई परिवारों के लिए काल बन गया। मंगलवार की सुबह उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे (Udaipur Chittorgarh Highway Accident) पर हुए एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने सबको सन्न कर दिया। घने कोहरे के बीच एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से इतनी जोर से टकराई कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का इंजन चेसिस से उखड़कर दूर सड़क पर जा गिरा और कार में सवार एक युवक का हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया। इस भयावह हादसे में उदयपुर के दो होनहार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।
धमाके जैसी आवाज और खिलौने की तरह बिखरी कार
Udaipur Chittorgarh Highway Accident हादसा चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले नरधारी गांव के पास सिक्स लेन पुलिया पर सुबह करीब 7 बजे हुआ। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास के ग्रामीणों को लगा जैसे कोई बम फटा हो। आवाज सुनकर जब लोग हाईवे की तरफ दौड़े, तो वहां का मंजर रूह कंपा देने वाला था।
सड़क पर कार (अल्टो या इसी श्रेणी की छोटी कार) खिलौने की तरह टूटी हुई बिखरी पड़ी थी। कार में सवार तीन दोस्त—ध्रुव सुथार (20), सौम्य सालवी (18) और प्रवीण जाट (20)—खून से लथपथ थे। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ध्रुव और सौम्य की सांसें थम चुकी थीं।
Udaipur Chittorgarh Highway Accident: कैसे हुआ हादसा?
भादसोड़ा थाने के एएसआई (ASI) जीवन सिंह ने घटना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों युवक उदयपुर से चित्तौड़गढ़ की ओर जा रहे थे। कार को ध्रुव सुथार ड्राइव कर रहा था। सुबह के वक्त हाईवे पर घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोहरे के कारण ड्राइवर को डिवाइडर का अंदाजा नहीं लगा और तेज रफ्तार कार सीधे सिक्स लेन पुलिया के डिवाइडर में जा घुसी। Udaipur Chittorgarh Highway Accident का यह मामला स्पष्ट रूप से मौसम की मार और गति पर नियंत्रण न होने का परिणाम है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात सुचारू करवाया।
उजड़ गई दो परिवारों की दुनिया: एक ने खोया इकलौता बेटा
Udaipur Chittorgarh Highway Accident हादसे ने दो हंसते-खेलते परिवारों को जीवन भर का गम दे दिया है। मृतकों की पृष्ठभूमि बेहद भावुक कर देने वाली है:
सौम्य सालवी (18): सौम्य उदयपुर के पुरोहितों की मादड़ी, सत्यनारायण मंदिर के पास का निवासी था। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके सिर से पिता का साया दो साल पहले ही उठ चुका था। घर की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। वह केबल कनेक्शन का काम करके अपनी मां और छोटी बहन का भरण-पोषण कर रहा था, साथ ही ओपन बोर्ड से 12वीं की पढ़ाई भी कर रहा था। उसकी मौत से घर का एकमात्र चिराग बुझ गया।
ध्रुव सुथार (20): ध्रुव उदयपुर के शांतिवन, ढिकली रोड का रहने वाला था। वह मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) में सेकंड ईयर का छात्र था। उसके माता-पिता दोनों निजी स्कूल में शिक्षक हैं। ध्रुव के जाने से एक शिक्षित परिवार का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
घायल प्रवीण का इलाज जारी, हाथ कटने की भयावहता
हादसे में घायल तीसरे साथी, प्रवीण जाट (20), जो कि पुरोहितों की मादड़ी का ही निवासी है, को तत्काल नेशनल हाईवे की एम्बुलेंस से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे में मरने वाले एक युवक का हाथ कटकर शरीर से पूरी तरह अलग हो गया था, जो घटनास्थल की वीभत्सता को बयां करता है।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का इंतजार
भादसोड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया है। सूचना मिलते ही उदयपुर से बदहवास परिजन चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हो गए। परिजनों के पहुंचने के बाद ही शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या कार में कोई तकनीकी खराबी थी या सिर्फ कोहरा ही इस Udaipur Chittorgarh Highway Accident का मुख्य कारण था।
कोहरे में ड्राइविंग: एक चेतावनी
यह हादसा हम सभी के लिए एक चेतावनी है। सर्दी के दिनों में हाईवे पर कोहरा जानलेवा हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि कोहरे में गाड़ी की गति धीमी रखें, फॉग लाइट्स का उपयोग करें और लेन बदलने से बचें। जरा सी चूक, जैसा कि इस केस में हुआ, कई जिंदगियां तबाह कर सकती है।

