15 लाख का टर्नओवर: दिव्यांग अजय नागोरी की प्रेरणादायक Success Story; पत्थर तराशकर लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

Success Story

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नीमच (मध्य प्रदेश) | अजय नागोरी Success Story : अक्सर लोग अपनी शारीरिक कमियों या परिस्थितियों को अपनी असफलता का कारण मानकर हार मान लेते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के नीमच जिले में एक ऐसा व्यक्तित्व है जिसने अपनी दिव्यांगता को ही अपनी ताकत बना लिया। हम बात कर रहे हैं अजय नागोरी की, जिनकी यह Success Story आज पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुकी है। अजय ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में कुछ करने का दृढ़ संकल्प हो और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी हो, तो बड़ी से बड़ी शारीरिक बाधा भी आपके सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकती।

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Success Story संघर्षों के साये में शुरुआती सफर

अजय नागोरी का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण समाज और कामकाज की दुनिया में उनके लिए राहें आसान नहीं थीं। वे काफी समय से स्टोन कटिंग और पॉलिशिंग के कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन उनके पास अपनी कोई जगह नहीं थी। वे किराए के परिसर में इस उद्योग को संचालित करते थे, जहां मोटा किराया चुकाने के बाद उनके हाथ में बहुत कम मुनाफा बचता था। अजय बताते हैं कि किराए के परिसर में काम करना न केवल आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि वहां काम का विस्तार करना भी असंभव था।

शासन का साथ और उद्योग का विस्तार

अजय की मेहनत और लगन रंग लाई जब मध्य प्रदेश शासन के उद्योग विभाग ने उनकी क्षमता को पहचाना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति के तहत, अजय नागोरी को औद्योगिक क्षेत्र नीमच में 1600 वर्ग फीट का एक भूखंड आवंटित किया गया। यह उनके जीवन की सबसे बड़ी Success Story का आधार बना। अपना स्वयं का भूखंड मिलने से न केवल उनके मन से किराए का बोझ हटा, बल्कि उन्हें अपने उद्योग को एक नई पहचान देने का अवसर भी मिला।

15 लाख का निवेश और आत्मनिर्भरता की ओर कदम

भूखंड आवंटन के बाद अजय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने इस स्थान पर लगभग 15 लाख रुपये का निवेश किया और अपनी औद्योगिक इकाई “मेसर्स जतन श्री मार्बल एंड ग्रेनाइट” की स्थापना की। आज यह इकाई न केवल सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, बल्कि अजय नागोरी खुद आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।

इस उद्योग के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह किसी को भी हैरान कर सकता है। अजय का वार्षिक टर्नओवर आज 15 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें से वे लगभग 5 लाख रुपये की शुद्ध वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। अजय नागोरी की यह Success Story केवल उनके निजी लाभ तक सीमित नहीं है; वे आज 5 अन्य स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अजय नागोरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी नीतियों को देते हैं। अजय का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म और लघु उद्योगों को जिस तरह से प्रोत्साहित किया जा रहा है, उससे मुझ जैसे दिव्यांग व्यक्ति को भी समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ खड़े होने का मौका मिला है। वे मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि सरकारी मदद ने उन्हें एक उद्यमी के रूप में नई पहचान दी है।

मध्य प्रदेश: औद्योगिक विकास का नया केंद्र

अजय नागोरी की यह Success Story मध्य प्रदेश में हो रहे व्यापक औद्योगिक बदलाव का एक छोटा सा हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर है। हालिया आंकड़ों के अनुसार:

  • प्रदेश में अब तक 881 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है।

  • 281 इकाइयों का भूमिपूजन संपन्न हो चुका है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।

  • 141 नई इकाइयों ने अपना संचालन और शुभारंभ कर दिया है।

  • प्रदेश में 26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टरों को मंजूरी मिली है, जो रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।

  • वर्तमान में 33 औद्योगिक क्षेत्रों का आधुनिकीकरण और उन्नयन किया जा चुका है।

प्रेरणा का पुंज: अजय नागोरी

आज जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो अजय नागोरी जैसे उद्यमी उस सपने के असली नायक नजर आते हैं। उनकी यह Success Story समाज को यह संदेश देती है कि सहायता और अवसर यदि सही व्यक्ति को मिलें, तो वह न केवल अपना बल्कि समाज का भी कल्याण कर सकता है। नीमच के औद्योगिक क्षेत्र में गूंजती मशीनों की आवाज अजय के बुलंद हौसलों की कहानी चिल्ला-चिल्लाकर बयां कर रही है।


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