2 शहरों का औचक निरीक्षण: Neemuch Water Treatment Plant की जांच कर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने दिए सख्त निर्देश

Neemuch Water Treatment Plant
नीमच | नीमच जिले में आम नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसी संकल्प को दोहराते हुए शनिवार को नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने एक्शन मोड में नजर आते हुए जिले के महत्वपूर्ण जल केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नीमच शहर के हिंगोरिया स्थित Neemuch Water Treatment Plant और जावद के बावल रोड स्थित प्लांट पहुंचकर पूरी व्यवस्थाओं को बारीकी से खंगाला। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिंगोरिया प्लांट पर तकनीकी बारीकियों की जांच
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सबसे पहले नीमच के हिंगोरिया स्थित Neemuch Water Treatment Plant पहुंचे। यहाँ उन्होंने जल शुद्धीकरण की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया। कलेक्टर ने प्लांट में मौजूद फिल्ट्रेशन यूनिट, क्लोरिनेशन चैंबर और जल परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों से पूछा कि पानी की शुद्धता की जांच कितने अंतराल पर की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि Neemuch Water Treatment Plant से निकलने वाला पानी मानक मानकों (Standard Norms) के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्लोरिनेशन की मात्रा न तो कम होनी चाहिए और न ही इतनी अधिक कि वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो।
जावद में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे कलेक्टर
नीमच के बाद कलेक्टर का काफिला जावद पहुंचा। यहाँ बावल रोड स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के बाद कलेक्टर सीधे वार्ड नंबर 14 की तंग गलियों में जा पहुंचे। उन्होंने वहां ‘नल से जल’ योजना के तहत हो रही जल आपूर्ति का स्वयं निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने स्थानीय रहवासियों से सीधे संवाद किया और पूछा, “क्या पानी साफ आ रहा है? क्या सप्लाई के समय में कोई अनिश्चितता है?” रहवासियों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी गुणवत्तापूर्ण पानी मिलना चाहिए। साथ ही, उन्होंने ज्ञान मंदिर कॉलेज स्थित पेयजल टंकी का भी अवलोकन किया और उसकी सफाई की स्थिति देखी।
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति
Neemuch Water Treatment Plant निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री चंद्रा का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “यदि कहीं से भी दूषित जल की शिकायत मिलती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि:
पेयजल टंकियों की नियमित अंतराल पर वैज्ञानिक पद्धति से सफाई सुनिश्चित की जाए।
जल परीक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन संधारित की जाए।
पाइपलाइन में लीकेज की समस्या को 24 घंटे के भीतर ठीक किया जाए ताकि गंदा पानी मिक्स न हो सके।
जलजनित बीमारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
सर्दियों और बदलते मौसम के कारण जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) के खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य और नगरीय निकाय विभाग को समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। Neemuch Water Treatment Plant और अन्य केंद्रों से होने वाली सप्लाई की रैंडम सैंपलिंग लैब में कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस महत्वपूर्ण Neemuch Water Treatment Plant दौरे के दौरान कलेक्टर के साथ जिला प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से परियोजना अधिकारी (शहरी विकास) श्री पराग जैन, एसडीएम जावद सुश्री प्रीति संघवी, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे, जावद सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया, नीमच तहसीलदार श्री संजय मालवीय और जावद तहसीलदार श्री नवीन गर्ग सहित नगरीय निकायों का तकनीकी अमला और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कलेक्टर के इस औचक Neemuch Water Treatment Plant निरीक्षण से विभाग में हड़कंप की स्थिति रही, लेकिन आम जनता ने प्रशासन की इस सक्रियता की सराहना की है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर के निर्देशों के बाद धरातल पर पेयजल व्यवस्था में कितना सुधार आता है।
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